

देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष व जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किए जा रहे घटिया सेनेटरी नैपकिन पैड, सड़े‑गले व छोटे आकार के अंडे तथा एक्सपायरी‑नज़दीक या निम्न गुणवत्ता वाले बाल पोषाहार की आपूर्ति रोकने की मांग की। नेगी ने कहा कि ये सामग्री बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है। मुख्यमंत्री ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
नेगी ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिलने वाले सेनेटरी पैड इतने घटिया हैं कि उन पर किसी मानक (आईएसआई/आइएसएसो आदि) का कोई जिक्र नहीं है। पांच पीस के इन ₹15 के पैड को अधिकांश महिलाएँ उपयोग करने के लिए सुरक्षित नहीं मानतीं, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने मानदेय से इनकी भरपाई करनी पड़ रही है। नेगी ने बताया कि इन पैडों से संक्रमण का खतरा बनता है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को अंडे सप्लाई करने वाला ठेकेदार (तथाकथित अथर्व एंटरप्राइजेज) बाजार में रिजेक्टेड और बेहद छोटे आकार के अंडे थमाता है। कई बार थोक में दो-तीन माह का स्टॉक भेज दिया जाता है, जिनमें से कई अंडे फोड़ने पर बदबूदार पाए जाते हैं। नेगी ने इसे गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताया और कहा कि बाल विकास व सहकारिता मंत्री के संरक्षण में उच्च अधिकारियों का नियंत्रण इन आपूर्तिकर्ताओं पर नहीं दिखता।
मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय भंडार, मसूरी से आपूर्ति किए जा रहे दलिया‑सत्तू‑भोग हलवा जैसे पोषाहार की गुणवत्ता बेहद कम है और कई बार वे उत्पाद एक्सपायरी‑नज़दीक या अप्रिय गंध वाले होते हैं, जिन्हें लोग खाना पसंद ही नहीं करते। नेगी ने कहा कि यदि आपूर्ति बंद कर उचित गुणवत्ता और मानक सुनिश्चित नहीं किए गए तो मोर्चा व्यापक सार्वजनिक अभियान और उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
प्रदर्शन में मोर्चा प्रतिनिधिमंडल में आकाश पंवार भी मौजूद थे। संबंधित अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है; मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर अपडेट मिलने की प्रत्याशा जताई जा रही है।

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