देहरादून। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग देहरादून ने ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GEIMS) के सहयोग से ‘लैंगिक भेदभाव और लिंग चयन को कहें – ना’ विषयक कार्यशाला का आयोजन संस्थान के सभागार में किया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने किया। संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन समाज के कुछ हिस्सों में लैंगिक भेदभाव अभी भी बरकरार है। “जब हम इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाएंगे, तभी बालिका दिवस जैसे प्रयास सार्थक होंगे।”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जोर दिया कि बालिकाओं के लिए समानता का मतलब अवसरों की समानता है। लिंग आधारित भेदभाव कानूनन दंडनीय अपराध है, इसे रोकने के लिए समाज और चिकित्सकों को आगे आना होगा।

संयुक्त निदेशक विधि जी.सी. पंचोली व अभियोजन अधिकारी सोफिया बेगम ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम व बालिकाओं की सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। चीफ एलडीसी अजय बडोनी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि अम्बर कोटनाला ने भी बालिका सुरक्षा कानूनों पर प्रकाश डाला। रेडियोलॉजी विभाग निदेशक डॉ. गोपेश ने लिंग जांच रोकने पर विशेष जानकारी साझा की।
कार्यक्रम से पूर्व छात्र-छात्राओं ने ‘बेटी बचाओ’ रैली निकाली, जिसमें मुख्य अतिथि व अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में पोस्टर, रंगोली, कविता पाठ व नाटिका प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, मेमेंटो से सम्मानित किया गया।

अतिथियों को स्मृति चिन्ह व पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार शर्मा, डीन डॉ. एस.एल. जेठानी, डॉ. बिमलेश जोशी, जी.सी. पंचोली, एस.एस. डोगरा, डॉ. गोपेश, ममता बहुगुणा, उदय सिंह सहित प्राध्यापक व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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