देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच से इसलिए बच रही है क्योंकि उसे ‘वीआईपी’ की भूमिका उजागर होने का भय है। धस्माना ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति से इनकार करना दुर्भाग्यपूर्ण और जनता की भावना के विपरीत है।
धस्माना ने कहा कि भाजपा की सरकार शुरू से ही यह कोशिश करती रही कि मामले में शामिल वीआईपी का नाम सामने न आए। उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला राठौर द्वारा वीआईपी का नाम उजागर किया जा चुका है, तब सरकार को पारदर्शिता के लिए सीबीआई जांच कराने से नहीं बचना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से भी मांग की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की घोषणा करे ताकि अंकिता भंडारी प्रकरण में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड के सभी गुनहगारों को सजा नहीं मिल जाती।

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