अवैध वसूली और धमकियों से ढकरानी क्षेत्र के क्रेशर उद्योग त्रस्त, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

देहरादून / विकासनगर। ढकरानी क्रेशर एसोसिएशन ने पछवादून क्षेत्र में संचालित क्रेशर उद्योगों पर तथाकथित पत्रकारों व सोशल मीडिया यूट्यूब चैनल संचालकों द्वारा की जा रही अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और धमकियों के गंभीर आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से तत्काल जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की है।

एसोसिएशन द्वारा 29 दिसंबर को उपजिलाधिकारी विकासनगर को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि देहरादून जनपद के पछवादून क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा विधिवत स्थापित क्रेशर उद्योगों से राज्य को भारी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होती है, लेकिन पिछले कुछ समय से फेसबुक व यूट्यूब पोर्टल चलाने वाले स्वयंभू तथाकथित पत्रकारों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो उद्योग संचालकों पर अनावश्यक दबाव बनाकर उनसे धन की मांग कर रहे हैं।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि पैसे न देने की स्थिति में क्रेशर प्लांट मालिकों को यह कहकर धमकाया जाता है कि उनके उद्योगों के विरुद्ध झूठी खबरें चलाकर उन्हें बंद करा दिया जाएगा। इस तरह की गतिविधियों से न केवल उद्योग संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व को भी भारी क्षति हो रही है।

ढकरानी क्रेशर एसोसिएशन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्रेशर उद्योग से जुड़े लोगों तथा सरकारी राजस्व को हो रही क्षति को ध्यान में रखते हुए ऐसे तथाकथित पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में उद्योगों का संचालन भयमुक्त वातावरण में हो सके।

एसोसिएशन ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी विकासनगर के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, महानिदेशक सूचना एवं थाना प्रभारी विकासनगर को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है। इससे स्पष्ट है कि मामला अब जिला प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है और क्रेशर उद्योग जगत को जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।

यहां देखें शिकायती पत्र

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