
दोहा ,12 सितंबर । इज़रायली सेना ने कतर की राजधानी दोहा में हमास के ठिकानों पर हमला किया है। यह वही दोहा है जहां वर्षों से इज़रायल और हमास के बीच मध्यस्थता की बातचीत होती रही है। शांति वार्ता के मंच बने देश में सीधे हमले से पूरे मध्यपूर्व (मिडल ईस्ट) में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके जवाब में कतर ने रविवार और सोमवार को इस्लामिक और अरब देशों की आपातकालीन समिट बुलाने की घोषणा की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर नाराजगी जताई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। मैं कह रहा हूं, आप ऐसी हरकत दोबारा नहीं करेंगे। सूत्रों के अनुसार, दोहा हमले ने ट्रंप प्रशासन के सलाहकारों को भी चौंका दिया। ट्रंप ने नेतन्याहू और उनके अधिकारियों से पूछा कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?
बता दें कि ट्रंप और मुस्लिम देशों की नाराजगी के बावजूद नेतन्याहू पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि कतर समेत जो देश आतंकियों को पनाह देंगे, उन पर हम हमले करते रहेंगे। उन्होंने कतर को चुनौती देते हुए कहा कि या तो वह आतंकियों को देश से बाहर निकाले या फिर नए हमलों के लिए तैयार रहे। इज़रायली सेना ने लेबनान की बेका घाटी में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए हैं। सेना का दावा है कि वहां हथियारों का बड़ा जखीरा रखा गया था। इन हमलों के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इसी बीच, सीरिया ने भी अपने देश में हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कदम अहम माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा राष्ट्रपति अहमद अल शारा हिजबुल्ला विरोधी माने जाते हैं, जबकि पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को संगठन का समर्थक समझा जाता था।

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