UKSSSC पेपर लीक कांड: बॉबी पंवार पर लगे परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने के गंभीर आरोप

देहरादून।  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहों ने आज तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक जांच में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर और सीपी डब्ल्यूडी के एक संविदा जेई के बीच संबंधों का खुलासा हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस प्रकरण में प्रसिद्ध आंदोलनकारी बॉबी पंवार पर परीक्षा को सनसनीखेज बनाने और बदनाम करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल करने का आरोप लगा है।
क्या हुआ था?
आज सुबह UKSSSC की परीक्षा शुरू होने के बाद, सोशल मीडिया पर कुछ प्रश्नपत्रों के फोटो और उनके स्क्रीनशॉट प्रसारित होने लगे। इन स्क्रीनशॉट में यह भी दावा किया गया था कि पेपर सुबह 11:35 बजे ही लीक हो गया था। इस जानकारी के आधार पर, देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। UKSSSC ने भी एसएसपी को एक औपचारिक शिकायत दी।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
SIT की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र के फोटो सबसे पहले टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत सुमन नाम की एक महिला के पास आए थे। पुलिस की पूछताछ में सुमन ने बताया कि ये फोटो उन्हें सीपी डब्ल्यूडी के संविदा जेई खालिद मलिक ने भेजे थे। खालिद के नंबर से ही एक युवती ने, जो खुद को उसकी बहन बता रही थी, सुमन से उन प्रश्नों के उत्तर मांगे थे। सुमन ने उन प्रश्नों के उत्तर फोटो के माध्यम से भेजे और स्क्रीनशॉट अपने मोबाइल पर सहेज लिए।
बॉबी पंवार की भूमिका पर उठे सवाल
सुमन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पुलिस को देने का मन बनाया था और इस बारे में बॉबी पंवार को भी बताया था। लेकिन, पुलिस के अनुसार, बॉबी पंवार ने सुमन से पेपर के स्क्रीनशॉट मांगे और उन्हें पुलिस के पास न जाने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बाद बॉबी पंवार ने बिना किसी सक्षम अधिकारी को सूचित किए या आधिकारिक पुष्टि किए, परीक्षा प्रणाली को सनसनीखेज बनाने के उद्देश्य से ये स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
जांच में अभी तक किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता नहीं पाई गई है। यह मामला किसी एक परीक्षा केंद्र से किसी व्यक्ति द्वारा प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्नों की फोटो खींचकर भेजने का प्रतीत होता है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने रायपुर थाने में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं रोकथाम के उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत एक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब सुमन से मिली जानकारी के आधार पर इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। इसके साथ ही, इस बात की भी गहनता से जांच की जा रही है कि क्या इन स्क्रीनशॉट्स को जानबूझकर परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने के लिए वायरल किया गया था।
यह घटना एक बार फिर उत्तराखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, और अब जांच के परिणाम ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएंगे।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments