बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों के प्रति किया गया जागरुक
पौड़ी। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बाल विकास परियोजना द्वारीखाल द्वारा आज राजकीय इंटर कॉलेज द्वारीखाल में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत “अफसर बिटिया” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करते हुए उन्हें भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रमाकांत डबराल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बालिकाएं प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने एवं निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरुकता एवं आगे बढ़ने की नई प्रेरणा का संचार हुआ।
बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रीति अरोड़ा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए नंदा गौरा योजना, बाल विवाह प्रतिषेध, महिला सुरक्षा एवं घरेलू हिंसा से संबंधित प्रावधानों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित एवं सशक्त बनाना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अनुकृति गुसाईं ने बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं कन्या भ्रूण हत्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, वन स्टॉप सेंटर की अधिवक्ता लक्ष्मी रावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) तथा बालिकाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के लिए निबंध, पेंटिंग, कविता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार स्वरूप शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सुपरवाइजर गीता सैलानी, कनिष्ठ सहायक राकेश सिंह, एएनएम जितेंद्र रावत, समस्त शिक्षकगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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