यूपीईएस और किनड्रिल ने शुरू की ऐतिहासिक साझेदारी: डिजाइन शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

भारत में अपनी तरह का पहला सहयोग, लाइव प्रोजेक्ट्स और रिसर्च के जरिए भविष्य के लिए तैयार होंगे प्रतिभाशाली छात्र

देहरादून: भारत की सबसे बड़ी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज़ कंपनी, किनड्रिल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने यूपीईएस के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा की है। यह किनड्रिल का भारत में किसी भी विश्वविद्यालय के साथ पहला शैक्षणिक सहयोग है। इस साझेदारी के तहत, यूपीईएस स्कूल ऑफ डिज़ाइन में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी के मेल से इनोवेशन, रिसर्च और ग्लोबल इंडस्ट्री को एक साथ लाना है।
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस छात्रों और फैकल्टी को कई शानदार अवसर देगा, जैसे:

  • ग्लोबल लाइव प्रोजेक्ट्स: छात्र और फैकल्टी सीधे वैश्विक स्तर के प्रोजेक्ट्स पर काम कर पाएंगे।
  • संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन लैब्स: रिसर्च और नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त लैब तैयार की जाएंगी।
  • फैकल्टी को थॉट लीडरशिप का मौका: फैकल्टी को अपने विचारों को इंडस्ट्री के साथ साझा करने का मंच मिलेगा।
  • भविष्य के लिए तैयार टैलेंट: ऐसे प्रतिभाशाली छात्र तैयार होंगे, जो इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा कर सकें।
    यूपीईएस के छात्रों और फैकल्टी को किनड्रिल के विशाल ग्लोबल क्लाइंट इकोसिस्टम तक सीधी पहुंच मिलेगी। इसमें फिनटेक, एविएशन, हेल्थटेक और आईटी जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं। यह मौका उन्हें मानव-केंद्रित डिज़ाइन और मजबूत डिजिटल सिस्टम बनाने में आगे बढ़ाएगा।
    यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. राम शर्मा ने इस सहयोग पर खुशी जताते हुए कहा, “हमारा मानना है कि ऐसे सहयोग शिक्षा और इनोवेशन की सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। किनड्रिल के साथ यह साझेदारी शिक्षा और उद्योग के बीच नए मानक स्थापित करेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि छात्र और फैकल्टी लाइव प्रोजेक्ट्स और मेंटरशिप के जरिए वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान खोज पाएंगे।
    किनड्रिल इंडिया की कंट्री लीडर और हेड ऑफ डिज़ाइन स्ट्रैटेजी, सुश्री शाओन सेनगुप्ता ने इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “यह सहयोग एक इकोसिस्टम थिंकिंग का हिस्सा है, जहाँ अकादमिक जगत और उद्योग मिलकर काम करते हैं। हम छात्रों की प्रतिभा का लाभ उठाकर न केवल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर ट्रांसफॉर्मेटिव एक्सपीरियंस डिज़ाइन करने के नए रास्ते भी बना रहे हैं।”
    यह साझेदारी सिर्फ अकादमिक सहयोग तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देश को एक वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने में मदद करना भी है।
    यूपीईएस और किनड्रिल की यह अनूठी साझेदारी डिज़ाइन शिक्षा की सीमाओं को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है। यह एक ऐसा कदम है जहाँ उद्योग-प्रेरित इनोवेशन, अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक प्रभाव एक साथ मिलकर काम करेंगे।
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