डेल टेक्नोलॉजीज़ के साथ एमओयू, नवाचार, प्रतिभा और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर हुई अहम चर्चा
बेंगलुरु । अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालय यूपीईएस ने बेंगलुरु में अपने विशेष नेतृत्व संवाद मंच ‘दृष्टिकोण 3.0’ का आयोजन किया, जिसमें उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं और शिक्षाजगत के प्रतिनिधियों ने नवाचार, प्रतिभा विकास और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘इकोसिस्टम कन्वर्जेन्स: इंडस्ट्री, इनोवेशन, इंटेग्रिटी’ रहा।
इस आयोजन में विशेष रूप से डीपटेक, स्टार्ट-अप एक्सेलरेशन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ट्रांसफॉर्मेशन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। संवाद के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि तेजी से बदलती कारोबारी और तकनीकी दुनिया में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने के लिए उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत तालमेल अनिवार्य है।
कार्यक्रम के तहत दो प्रमुख सत्र आयोजित किए गए—इनोवेशन एंड डिजाइन तथा टेक्नोलॉजी एंड टैलेंट। पहले सत्र में डिजाइन की भूमिका को मानवीय अनुभवों को आकार देने वाले महत्वपूर्ण तत्व के रूप में देखा गया, जबकि दूसरे सत्र में इस बात पर चर्चा हुई कि तकनीकी नवाचार किस तरह उद्यम परिवर्तन को गति दे रहा है और भविष्य के कौशल-आधारित शिक्षण मॉडल कैसे विकसित किए जा सकते हैं।
शाम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण यूपीईएस और डेल टेक्नोलॉजीज़ के बीच हुआ रणनीतिक सहयोग रहा, जिसे एक एमओयू के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया। इस साझेदारी का उद्देश्य उद्योग-संबद्ध शिक्षण को और मजबूत करना है। इसके तहत छात्रों और शिक्षकों को करिकुलम एन्हांसमेंट, फैकल्टी इमर्शन, गेस्ट लेक्चर, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट जैसे अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि उच्च शिक्षा का भविष्य उद्योग के साथ मजबूत साझेदारियों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि ‘दृष्टिकोण’ को अकादमिक जगत और उद्योग के बीच एक भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां सार्थक संवाद के साथ उद्देश्यपूर्ण साझेदारियां आकार ले सकें।
कार्यक्रम में एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और टैलेंट स्ट्रैटेजी जैसे क्षेत्रों से 17 वरिष्ठ उद्योग नेताओं ने भाग लिया। आयोजन का समापन यूपीईएस के रजिस्ट्रार मनीष मदान के समापन वक्तव्य के साथ हुआ। विश्वविद्यालय ने कहा कि ‘दृष्टिकोण’ जैसे मंच पारंपरिक अकादमिक आयोजनों से आगे बढ़कर बिज़नेस, टेक्नोलॉजी और समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सारगर्भित संवाद का अवसर प्रदान करते हैं।

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