उत्तराखंड की रजत जयंती समारोह में यूपीईएस ने ‘रिसर्च, इनोवेशन और इनक्यूबेशन’ की प्रमुख प्रदर्शनी आयोजित की

देहरादून । उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अंतर्गत यूपीईएस ने मंगलवार, 4 नवम्बर 2025 को देहरादून स्थित अपने बिधोली कैंपस में ‘रिसर्च, इनोवेशन और इनक्यूबेशन’ विषय पर विशेष प्रदर्शनी आयोजित की। यह प्रदर्शनी राज्य की पहल ‘विकास यात्रा ऑफ उच्च शिक्षा – 25 ईयर्स ऑफ नॉलेज, इनोवेशन एंड एक्सीलेंस’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही और इसमें राज्य, केन्द्रीय व निजी विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों तथा स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर्स ने भाग लिया। सभी ने मिलकर उच्च शिक्षा, उद्यमिता और रिसर्च-आधारित विकास की राज्य की 25 वर्ष की यात्रा को प्रस्तुत किया।

दिन भर आगन्तुकों ने विद्यार्थियों और संकाय द्वारा विकसित नवाचार देखे, एआर/वीआर अनुप्रयोगों, एआई-आधारित परियोजनाओं और सततता (सस्टेनेबिलिटी) पर शोध के लाइव डेमो देखे, साथ ही राज्य और केन्द्र की पहलों से समर्थित सफल स्टार्ट-अप्स और इनक्यूबेशन मॉडल्स की प्रस्तुतियां भी हुईं। कार्यक्रम में ‘उत्तराखंड हायर एजुकेशन विज़न 2050’ फ्रेमवर्क का शुभारम्भ भी किया गया, जो अगले 25 वर्षों के विकास के लिये एक स्पष्ट और महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत करता है।

यूपीईएस में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. देवेंद्र भसीन, उपाध्यक्ष, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति, उत्तराखंड तथा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आईएएस, सचिव, उच्च शिक्षा, उत्तराखंड सरकार द्वारा किया गया।

यह प्रदर्शनी 9 नवम्बर 2025 को होने वाले मुख्य रजत जयंती समारोह (जो देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट में माननीय भारत के प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से सम्पन्न होगा) की कर्टन-रेज़र भी रही। इसने नवाचार-प्रधान भविष्य के प्रति उत्तराखंड की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने कहा, “इस महत्वपूर्ण वर्ष में उत्तराखंड की प्रमुख प्रदर्शनी—रिसर्च, इनोवेशन और इनक्यूबेशन—की मेजबानी करना यूपीईएस के लिये सम्मान की बात है। पिछले 25 वर्षों में राज्य के विश्वविद्यालयों और इनक्यूबेटर्स ने डिजिटल टेक्नॉलजी, सततता और एप्लाइड इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विचारों की एक सशक्त शृंखला तैयार की है, जो समाज और उद्योग के लिये वास्तविक समाधान बनती है। यह प्रदर्शनी उस सामूहिक प्रयास को सम्मानित करती है और ‘उत्तराखंड हायर एजुकेशन विज़न 2050’ के साथ अगले पच्चीस वर्षों के लिये एक साहसिक दिशा तय करती है। हम भागीदारों, नीति-निर्माताओं और युवा नवोन्मेषकों का यूपीईएस में स्वागत कर प्रसन्न हैं और मिलकर उत्तराखंड की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिये प्रतिबद्ध हैं।”

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