नैनबाग, टिहरी – उत्तराखंड राज्य के निर्माण के पच्चीस साल पूरे होने का जश्न पूरा राज्य मना रहा है लेकिन हमें जश्न मनाने के साथ आत्ममंथन भी करना होगा कि इस रजत जयंती यात्रा में हमने क्या पाया क्या खोया? यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने नैनबाग में अनुसूचित जाति जन जाति पिछड़ी जाति समिति द्वारा आयोजित ३७ वें नैनबाग शरदोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। धस्माना ने कहा कि हमने कुछ विश्विद्यालय बनाए कुछ मेडिकल कॉलेज भी बनाए सड़कों के भी काम हुए किंतु क्या जो सपने हमारे राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों ने देखे थे वैसा राज्य वो हम बना पाए हैं यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब हमको खोजना चाहिए।पहाड़ों में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था जर्जर है। पलायन और भ्रष्टाचार चरम पर है, और पेपर लीक मामलों ने प्रदेश की छवि खराब की है।
धस्माना ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वालों के सपने पूरे नहीं हुए हैं। पहाड़ों में रोजगार के अवसर नहीं हैं, और युवा पलायन कर रहे हैं। धस्माना ने शरदोत्सव आयोजन समिति को आश्वासन दिया कि वे भविष्य के आयोजनों के लिए डिजिटल स्क्रीन बोर्ड भेंट करेंगे।

कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष चमन सिंह चौहान ने भी संबोधित किया और धस्माना को अपने क्षेत्र डामटा में आमंत्रित किया। इससे पूर्व धस्माना ने खेल कूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि और क्षेत्र की जनता उपस्थित रही। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर वीरेंद्र सिंह रावत, सचिव प्रदीप कवि, विजय सिंह गुसाईं, गंभीर सिंह रावत, जोत सिंह रावत, छात्र संघ अध्यक्ष काजल, राम दयाल समेत कई लोग मौजूद थे।
धस्माना ने अपने संबोधन में कहा कि अगर शहीदों के सपनों को पूरा करना है तो भ्रष्टाचार, पलायन और बेरोजगारी जैसी घातक बीमारियों को जड़ से उखाड़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजनैतिक नेतृत्व ने 25 सालों में ग्यारह मुख्यमंत्री दिए, लेकिन बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी समस्याएं दीं।

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