

देहरादून। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल ने वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। एससीईआरटी द्वारा विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रू AI’ परियोजना को यूनेस्को के AI फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग वर्ग में विश्व की शीर्ष 6 परियोजनाओं में चुना गया है।
इस घोषणा स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित AI फॉर गुड ग्लोबल समिट-2026 में की गई। अब यह परियोजना 1 सितंबर 2026 से यूनेस्को के ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगी। इसका उद्देश्य है कि दुनिया के अन्य देश भी अपने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इससे मजबूत बना सकें।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार नवाचार, डिजिटल तकनीक और AI आधारित शिक्षण को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी का परिणाम है कि एससीईआरटी की पहल को वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हजारों शिक्षकों, एससीईआरटी की टीम और शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।
डॉ. रावत ने बताया कि यह दूसरी बार है जब एससीईआरटी के AI आधारित प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। इससे पहले यूनेस्को-IITTE की वैश्विक केस स्टडी में भी उत्तराखंड के नवाचारों को जगह मिली थी।
एससीईआरटी का ‘फंडामेंटल्स ऑफ AI एंड ICT टूल फॉर स्कूल टीचर्स’ ऑनलाइन कोर्स इस सफलता की बड़ी वजह बना। इसके जरिए प्रदेश के 49 हजार से अधिक शिक्षकों का पंजीकरण हुआ और 47 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाण पत्र लिया। राज्य के लगभग 97 फीसदी स्कूल इस कार्यक्रम से जुड़े, जिससे 15 हजार से अधिक विद्यालयों तक डिजिटल प्रशिक्षण पहुंचा। इसकी निगरानी ई-सृजन AI चैटबॉट और विद्या समीक्षा केंद्र डैशबोर्ड से रियल टाइम में की गई।
_“एससीईआरटी का AI शिक्षक प्रशिक्षण 1 सितंबर 2026 से यूनेस्को के ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगा। यह साबित करता है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था और AI आधारित प्रशिक्षण मॉडल अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना रहे हैं।”_
– डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

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