उत्तराखण्ड संयुक्त ट्रेड यूनियन्स संघर्ष समिति-संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने समेत रखी 14 सूत्रीय मांगें

देहरादून।  उत्तराखण्ड संयुक्त ट्रेड यूनियन्स संघर्ष समिति-संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज देहरादून में राष्ट्रव्यापी आंदोलन के अंतर्गत प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें केंद्र सरकार से 14 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की रखी गई है। इसके साथ ही श्रम संहिता और श्रम नियमों को निरस्त करने, औपचारिक व अनौपचारिक सभी श्रमिकों के लिए पंजीकरण, मान्यता, 8 घंटे के कार्य दिवस, कार्यस्थल सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, हड़ताल के अधिकार और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार सुनिश्चित करने तथा निश्चित अवधि के रोजगार को समाप्त करने की मांग की गई है।

संगठन ने सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को सी2+50% के आधार पर सुनिश्चित करने और खरीद की गारंटी देने, विद्युत संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने और शांति अधिनियम को निरस्त करने की भी मांग रखी। योजना श्रमिकों और ध्याड़ी मजदूरों समेत सभी श्रमिकों की मजदूरी 42,000 रुपये तक बढ़ाकर महंगाई भत्ते से जोड़ने, ग्राम जनकल्याण अधिनियम को रद्द करने और मनरेगा में 200 दिन काम व 700 रुपये दैनिक मजदूरी बहाल करने की मांग भी की गई।

इसके अतिरिक्त ज्ञापन में सरेंडर और सब-ऑर्डिनेटिंग व्यापार समझौतों को रद्द करने, किसानों और दलितों के लिए व्यापक ऋण माफी, कृषि संसाधन नियंत्रण अधिनियम का सख्ती से पालन, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण-विनिवेश पर रोक, एनएमपी 2.0 व ठेकेदारी प्रथा पर रोक, तथा ओपीएस (ऑपरेशनल पेंशन) बहाल करने और ईपीएस-95 में वृद्धि कर सभी को सार्वभौमिक पेंशन देने की मांग शामिल है।

संगठन ने पेपर लीक मामले में हुए आंदोलन में गिरफ्तार आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई और उन पर लगे मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। साथ ही ईपीएफओ व पेंशन निकासी हेतु पुरानी व्यवस्था बहाल करने, एक वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों को भी ईपीएफओ एडवांस निकालने का अधिकार देने, पीएफ का शत-प्रतिशत ऑनलाइन-ऑफलाइन दावा स्वीकार करने की व्यवस्था तथा यूएएन में संशोधन का अधिकार आधार सत्यापन के माध्यम से सीधे सदस्यों को देने की मांग रखी गई।

ज्ञापन पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, ऐटक के प्रान्तीय महामंत्री अशोक शर्मा, यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट पंकज क्षेत्री  , उत्तराखण्ड किसान सभा के जिला महामंत्री पुरुषोत्तम बडोनी सहित उत्तराखण्ड किसान सभा और संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। संगठन ने महामहिम से अपील की कि उपरोक्त मांगों के समाधान हेतु तत्काल प्रभाव से केंद्र सरकार को निर्देशित करने की कृपा करें।

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