उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस का बड़ा खेल बेनकाब, STF की जांच में खुला संगठित नेटवर्क का राज

देहरादून। उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के अब तक के सबसे बड़े खेल का खुलासा करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश से जारी बताए गए 10 शस्त्र लाइसेंस फर्जी पाए गए हैं, जिनके आधार पर काशीपुर से हथियार खरीदे गए थे।

एसटीएफ के अनुसार, पिछले एक माह से राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान मिली गोपनीय सूचनाओं के आधार पर ऊधमसिंहनगर जिले में फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार खरीदने का मामला सामने आया।

जांच में पाया गया कि नौशाद हुसैन समेत 10 व्यक्तियों ने शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) से जारी बताए गए लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से शस्त्र खरीदे। जब एसटीएफ ने इन लाइसेंसों का सत्यापन शाहजहाँपुर जिलाधिकारी कार्यालय से कराया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ—इन नामों से कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ था, बल्कि लाइसेंस नंबर अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज पाए गए।

एसटीएफ जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में शाहजहाँपुर का फर्जी स्थानीय पता दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और उन्हीं के आधार पर लाइसेंस बनवाकर हथियार खरीद लिए। प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का है।

इस मामले में एसटीएफ ने कोतवाली काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही इस फर्जीवाड़े में शामिल एजेंटों, बिचौलियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नामजद और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ कुमाऊं और ऊधमसिंहनगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है।

एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच जारी है और अब तक हजारों लाइसेंसों का डाटा खंगाला जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि एसटीएफ इससे पहले भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस के दो मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एक मामले में आरोपी के कब्जे से फर्जी लाइसेंस के साथ अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए थे।

एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।मोबाइल नंबर- 9412029536 पर पुलिस को सूचित कर सकते हैं।

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