देहरादून,11फरवरी2025(आरएनएस) उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार और हास्य अभिनेता घन्ना भाई (घनानंद) अब हमारे बीच नहीं रहे। लंबे समय से बीमार चल रहे घन्ना भाई ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
रंगमंच के बेमिसाल कलाकार थे घन्ना भाई
घनानंद का जन्म 1953 में पौड़ी गढ़वाल के गगोड़ गांव में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कैंट बोर्ड लैंसडाउन में हुई। 1970 के दशक में उन्होंने रामलीलाओं और नाटकों में हास्य कलाकार के रूप में अपने सफर की शुरुआत की।
रेडियो और दूरदर्शन पर बिखेरा था जलवा
1974 में घनानंद ने रेडियो से जुड़कर अपने अभिनय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने दूरदर्शन पर भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जहां उनकी हास्य शैली ने उन्हें पूरे उत्तराखंड में एक लोकप्रिय कलाकार बना दिया।
कलाकारों की प्रेरणा बने घन्ना भाई
उत्तराखंड के रंगमंच और लोक कला में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपनी कला के जरिए न केवल लोगों को हंसाया, बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
घन्ना भाई ने कई गढ़वाली फिल्म और म्यूजिक एलबम में काम किया है। उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया था। भाजपा के टिकट पर 2012 में उन्होंने पौड़ी से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वह चुनाव हार गए थे। 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी।
उनके निधन से कला जगत और उत्तराखंड के सांस्कृतिक क्षेत्र में एक बड़ी क्षति हुई है।

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