उत्तरकाशी । आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र ने की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में प्री-रिविजन एक्टिविटीज के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्रुटिहीन तथा प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया है। इस अभियान के दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जो या तो अनुपस्थित पाए गए, अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं अथवा जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इन तथ्यों के आधार पर एएसडी (Absentee, Shifted, Dead) सूची तैयार की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस सूची को राजनीतिक दलों तथा बीएलओ-2 के साथ साझा किया जाए, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रारूप 9, 10, 11, 11अ, 11ब तथा एएसडी सूची भी साझा की गई। अधिकारियों ने इन प्रारूपों और सूचियों की उपयोगिता, उनकी बारीकियों तथा निर्वाचन व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि जिन मतदेय स्थलों पर अभी तक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति नहीं की गई है, वहां तत्काल योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की सक्रिय उपस्थिति न केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहायक होगी, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुक्ता मिश्र ने कहा कि आगामी निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों को त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण, दावों एवं आपत्तियों की प्रक्रिया, बूथ स्तर पर समन्वय तथा राजनीतिक दलों की सहभागिता को सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस प्रक्रिया में रचनात्मक सहयोग देंगे।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर कांग्रेस से दिनेश गौड़, भाजपा से महावीर सिंह नेगी, बसपा से रमेश राज, सहित सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
यह बैठक आगामी निर्वाचन प्रक्रिया की तैयारियों को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ संपन्न हो, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और अपात्र प्रविष्टियों को समय रहते हटाया जा सके।

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