उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन उत्तरकाशी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जनपद की सभी व्यवस्थाओं को ‘चाक-चौबंद’ रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, गत वर्ष धराली और हर्षिल क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बाद सरकार और प्रशासन ने पुनर्वास की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। अब तक प्रभावित परिवारों को लगभग ₹13 करोड़ की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।
1. डामटा-नौगांव राजमार्ग: यात्रा से पूर्व सुधरेगी सड़क की सूरत
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने डामटा-नौगांव राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि गुणवत्ता और यात्रियों की सुगमता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संवेदनशील और संकरे स्थानों पर सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति:
अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोनिवि बड़कोट) के अनुसार, डामटा से नौगांव के बीच निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है:
साइड कटिंग: कुल 25.400 किमी में से 20.400 किमी हिस्से में कटिंग का काम पूरा हो चुका है।
सुरक्षा के इंतजाम: वर्तमान में 29 चयनित स्थानों पर 600 मीटर लंबी ‘कवर्ड आरसीसी ड्रेन’ (नाली) का निर्माण चल रहा है।
अस्थायी सुरक्षा:तीव्र ढाल वाले क्षेत्रों में फिलहाल कॉशन टेप, सूचना बोर्ड और रिफ्लेक्टिंग साइन लगाए गए हैं। कार्य पूर्ण होते ही पूरी लंबाई में मेटल बीम क्रैश बैरियर स्थापित किए जाएंगे।

2. धराली-हर्षिल आपदा: पुनर्वास के लिए खुला सरकारी खजाना
गत वर्ष की आपदा से प्रभावित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए जिला प्रशासन ने अब तक ₹12,89,65,700 की राहत राशि का वितरण कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने इसका विस्तृत ब्यौरा जारी किया है:
राहत वितरण का मुख्य विवरण:
मानवीय क्षति: 4 मृतकों और शासन द्वारा मृत घोषित 18 लापता व्यक्तियों के आश्रितों को क्रमशः ₹20 लाख और ₹90 लाख वितरित किए गए।
आवासीय सहायता: 115 पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रति परिवार ₹5 लाख (कुल ₹5.75 करोड़) दिए गए। साथ ही, इन बेघर परिवारों को 6 माह का किराया (₹24,000 प्रति परिवार) भी दिया गया।
व्यावसायिक राहत: आपदा की मार झेलने वाले 67 होटल स्वामियों को ₹5.30 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया है। शेष के लिए प्रक्रिया जारी है।
कृषि एवं पशुपालन:263 काश्तकारों को फसल क्षति और 13 पशुपालकों को मृत पशुओं के बदले राहत राशि प्रदान की गई।
### 3. भविष्य की योजना: ₹17.90 करोड़ के सुरक्षा कार्य स्वीकृत
सिर्फ तत्काल राहत ही नहीं, बल्कि भविष्य में आपदा के खतरे को कम करने के लिए प्रशासन ने भारी बजट स्वीकृत किया है:
भागीरथी नदी सुरक्षा: हर्षिल में आवासीय भवनों की सुरक्षा हेतु ₹1024.27 लाख और झाला क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों के लिए ₹766.43 लाख की धनराशि शासन से स्वीकृत हो चुकी है।
विभागीय आवंटन: लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और वन विभाग को पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ₹535.81 लाख अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं।

4. आजीविका और स्वरोजगार पर जोर
प्रशासन प्रभावितों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी काम कर रहा है। ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) के तहत 84 परिवारों को बागवानी, होमस्टे और डेयरी जैसे कार्यों के लिए ₹3-3 लाख की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, धराली में ग्रामीणों के लिए 50 दुकानों का शॉपिंग कॉम्प्लेक्सऔर सामुदायिक भवन बनाने का प्रस्ताव (लागत ₹608.2 लाख) भी तैयार किया गया है।
जिलाधिकारी का विजन:प्रशासन का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्ग निर्बाध हों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा हो जाए, ताकि स्थानीय जनता और तीर्थयात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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