जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के संघर्ष की जीत: चारागाह भूमि नीलामी प्रक्रिया हुई निरस्त

 नीलामी प्रक्रिया फिर शुरू की गई तो होगा उग्र आंदोलन : चौहान

नई टिहरी । बौर और राम गांव के चारागाह भूमि नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले 16 दिन से चल रहा क्रमिक अनशन धरना मंगलवार को स्थगित हो गया। धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार के आश्वासन पर स्थानीय लोगों ने धरना स्थगित करने की घोषणा करते हुए इसे जन प्रतिनिधियो और ग्रामीणों की संघर्ष की जीत बताई। चेतावनी दी यदि प्रशासन ने फिर से भूमि नीलामी करने की प्रक्रिया शुरू की तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

थौलधार ब्लॉक के बौर और राम गांव की लगभग 79 नाली चारागाह भूमि नीलामी करने के विरोध में स्थानीय लोग आंदोलनरत थे। नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर वे पिछले 16 दिनों से सुल्याधार में क्रमिक अनशन पर बैठे हुए थे। मंगलवार को दायित्वधारी खेम सिंह चौहान, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अतर सिंह तोमर और तहसीलदार धीरज सिंह राणा ने सुल्याधार में चल रहे धरने में पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की।तहसीलदार राणा ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को डीएम के प्रतिनिधि के रूप में लिखित में दिया कि चारागाह की भूमि की नीलामी स्थगित कर दी है। ऐसे में अब आंदोलन समाप्त किया जाए।

दायित्वधारी चौहान ने कहा कि पूर्व में डीएम से वार्ता की गई थी। जिसके बाद डीएम 29 जून को 79 नाली भूमि की नीलामी स्थगित की है। उन्होंने इसे क्षेत्र के लोगों की एकजुट होकर संघर्ष की जीत बताया जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।पैतृक भूमि संरक्षण समिति के अध्यक्ष नत्थी सिंह कैंतुरा ने आंदोलन काे सफल बनाने के लिए सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।

इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा,प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष युद्धवीर रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद रावत, प्रिंसी रावत, कुलदीप पंवार, राजेंद्र नेगी, अभिषेक कठैत, खुशी लाल, ऋषि भट्ट, रॉबिन राणा, यशपाल रावत आदि मौजूद रहे।

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