नई दिल्ली ,01 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के बजट में शनिवार को पहली बार महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 2 करोड़ रुपये लोन देने की योजना की घोषणा की. इससे महिला उद्यमियों को क्या लाभ होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा पहली बार उद्यम करने वाले लोगों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी.
विश्व आर्थिक मंच ने पाया कि भारत में लैंगिक समानता अनुपात में थोड़ा सुधार हुआ है, हालांकि यह अभी भी वैश्विक लैंगिक अंतर रिपोर्ट में निचले पायदान पर है, आर्थिक स्थिति के कारण विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की समानता में अंतर बढ़ रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 90 प्रतिशत महिला उद्यमियों ने किसी औपचारिक वित्तीय संस्थान से उधार नहीं लिया था. 2020 के लॉकडाउन के दौरान 72 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के पास वित्तीय भंडार की कमी थी, जबकि 53 प्रतिशत पुरुष-स्वामित्व वाले व्यवसायों के पास वित्तीय भंडार नहीं था.
भारत में महिलाओं को उनके द्वारा दी जाने वाली जमा राशि के सिफऱ् 27 प्रतिशत के बराबर ऋण मिलता है, जबकि पुरुषों को उनकी जमा राशि के 52 प्रतिशत के बराबर ऋण मिलता है. यह अंतर वित्तीय संस्थानों द्वारा महिलाओं को समान रूप से ऋण न दिए जाने से जुड़ा हो सकता है.
बजट 2025: महिला, एससी और एसटी उद्यमियों को मिलेगा 2 करोड़ तक का लोन
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