विद्युत उत्पादन और वितरण निजी हाथों में देने का पहला चरण है स्मार्ट मीटर: धस्माना

देहरादून(आरएनएस)।  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने का सरकार का निर्णय वास्तव में प्रदेश के विद्युत उत्पादन व वितरण व्यवस्था को भविष्य में प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की शुरुआत का पहला कदम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्मार्ट मीटर लगाए जाने के सख्त खिलाफ है। इसके खिलाफ पार्टी प्रदेशव्यापी जन आंदोलन चलाएगी। बुधवार को ईसी रोड स्थित अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि आज प्रदेश सरकार व सत्ताधारी दल के प्रवक्ता जिस तरह स्मार्ट मीटर के फायदे गिनवा रहे हैं, वह बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसे पांच साल पहले इन्होंने देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के फायदे गिनवाए थे। आज पांच साल बाद जब हजारों करोड़ रुपये खर्च करके स्मार्ट सिटी के कार्य पूरे होने की घोषणा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की सीईओ तत्कालीन जिलाधिकारी ने की तो देहरादून के लोग ठगे से रह गए। क्योंकि देहरादून तो स्मार्ट बना नहीं भाजपा के नेता जरूर स्मार्ट बन गए, उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी आज देहरादून शहर में ड्रेनेज सिस्टम नहीं बन पाया, शहर में पेयजल का गंभीर संकट है, पीने के पानी का कोई नया स्रोत आज तक नहीं बना। सड़कों की दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है। वैसे ही स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं को कुछ फायदा होने वाला नहीं, उल्टा राज्य का बिजली सेक्टर प्राइवेट कंपनियों के नाम जरूर हो जाएगा।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments