नई दिल्ली। 17 फरवरी2025(एजेंसियां) सोमवार से फास्टैग का नया नियम लागू होने जा रहा है, जिससे टोल पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। नए नियम के तहत फास्टैग में लो बैलेंस, भुगतान में देरी या ब्लैकलिस्ट होने पर वाहन चालकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सरकार का उद्देश्य टोल प्लाजा पर ट्रैफिक को सुचारू बनाना और यात्रियों को परेशानी से बचाना है।
नए नियमों के तहत यह बदलाव किए गए हैं:
- निष्क्रिय फास्टैग ट्रांजेक्शन अस्वीकार – यदि वाहन के टोल पार करने से पहले 60 मिनट तक फास्टैग निष्क्रिय रहता है और टोल पार करने के 10 मिनट बाद भी सक्रिय नहीं होता, तो भुगतान अस्वीकार कर दिया जाएगा।
- चार्जबैक और कूलिंग अवधि में बदलाव – इससे टोल विवादों को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- लेट पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क – यदि टोल कटने में 15 मिनट से अधिक समय लगता है, तो अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा।
- तत्काल रिचार्ज जरूरी – अब यूजर्स को पहले से ही फास्टैग रिचार्ज करके रखना होगा, क्योंकि टोल बूथ पर रिचार्ज करने की सुविधा सीमित कर दी गई है।
फास्टैग ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के अनुसार, दिसंबर में फास्टैग लेनदेन 6% बढ़कर 38.2 करोड़ हो गया है, जबकि नवंबर में यह 35.9 करोड़ था। वहीं, लेनदेन की कुल राशि ₹6,642 करोड़ तक पहुंच गई, जो नवंबर में ₹6,070 करोड़ थी।
सरकार और सड़क परिवहन मंत्रालय का मानना है कि नए नियमों से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम में कमी आएगी और यात्रा सुगम होगी। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फास्टैग बैलेंस की समय पर जांच और रिचार्ज सुनिश्चित करें ताकि सफर के दौरान किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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