
लखनऊ, 5 मार्च (आरएनएस ) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन, सांसद नव्व तनुज पुनिया ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश में लगातार दलितों के खिलाफ बढ़ते उत्पीडऩ और अपराधों पर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन नव्व मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, प्रो. आर.बी. बौद्ध, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुधा मिश्रा और नव्व सिद्धिश्री मुख्य रूप से मौजूद रहे।प्रेसवार्ता की शुरुआत करते हुए नव्व तनुज पुनिया ने मशहूर कवि अदम गोंडवी की पंक्तियों को उद्धृत किया और कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं और योगी सरकार में दलित होना मानो अपराध बन गया है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉड्र्स ब्यूरो) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराधों की संख्या सबसे अधिक है। 2022 में देशभर में अनुसूचित जातियों के खिलाफ दर्ज 51,656 मामलों में से 12,287 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए थे, जो राज्य में दलितों के प्रति बढ़ते अपराधों को दर्शाता है।उन्होंने हाल में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि 1 मार्च 2025 को मेरठ के कालिंदी गांव में ठाकुर बिरादरी के दबंगों ने दलित की बारात पर हमला किया, दूल्हे के भाई संदीप को पीटा और दूल्हे को अपमानित कर उसकी सोने की अंगूठी, ब्रेसलेट और नकदी लूट ली। इसी तरह 21 फरवरी 2025 को मथुरा के करनावल गांव में दलित युवकों की बारात पर हमला हुआ, जहां दूल्हे के पिता का सिर फोड़ दिया गया और दूल्हा पक्ष को रिश्ता तोडक़र लौटना पड़ा। कासगंज के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र में दबंगों द्वारा एक दलित व्यक्ति की हत्या कर दी गई। रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र में तीन युवकों ने एक दलित युवती का अपहरण कर दुष्कर्म किया और बेहोशी की हालत में नग्न अवस्था में उसे घर के बाहर फेंक दिया। सहावर क्षेत्र (कासगंज) में दलित युवकों के सीने पर ‘जाटव’ लिखा देखकर दबंगों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। संभल के एसएम डिग्री कॉलेज में प्राचार्य ने दलित महिला असिस्टेंट प्रोफेसर का शारीरिक शोषण किया, जबकि सहसपुर देवबंद थाना क्षेत्र के ग्राम भापला खुर्द में 12 वर्षीय दलित बालक प्रिंस का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। 31 जनवरी को अयोध्या के सहनवान में एक दलित लडक़ी की जघन्य हत्या कर दी गई।तनुज पुनिया ने कहा कि भाजपा सरकार दलितों के आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रही है। 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया और कोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार ने उनका पालन नहीं किया। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार दलितों के अधिकारों के प्रति कितनी उदासीन है। उन्होंने कहा कि यह सरकार न तो दलितों को रोजगार दे पाई, न सुरक्षा दे पाई और न ही उनकी अस्मिता की रक्षा कर पाई। यह सरकार सिर्फ दलितों के उत्थान के झूठे दावे कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि दलित समाज लगातार अन्याय और अत्याचार झेल रहा है। पुनिया ने कहा कि कांग्रेस दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भाजपा सरकार के दलित विरोधी रवैये को उजागर करने के लिए

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