पहाड़ और मैदान के नाम पर राज्य को बांटना घातक : उक्रांद

विकासनगर(आरएनएस)।   कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद हो रही बयानबाजी को उक्रांद (उत्तराखंड क्रांति दल) ने साजिश करार देते हुए इस पर विराम लगाने की अपील की है। मंगलवार को डाकपत्थर रोड स्थित कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुए उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कुछ शरारती तत्व पहाड़ और मैदान के नाम पर समाज को बांटने की साजिश रच रहे हैं, जो राज्य की एकता और सम्मान के लिए घातक है। हम सभी को षड्यंत्र को समझकर इससे बचना चाहिए। उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक कुकरेती ने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के प्रति जो आक्रोश था, वह केवल उनके बयान तक सीमित था, किसी समाज विशेष के प्रति नहीं। जब उन्होंने स्वयं इस्तीफा दे दिया है, तो यह आक्रोश स्वतः समाप्त हो जाना चाहिए। यदि कोई उनके इस्तीफे का विरोध करता है, तो इसे उनके द्वारा पहाड़ी समाज के प्रति कहे गए अपमानजनक शब्दों का समर्थन भी माना जाएगा। अब अनर्गल बयानबाजी करना न समाज के हित में है और न ही राज्य हित में है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि हमारे बलिदानियों के संघर्ष और 42 शहादतों की विरासत है। यह पहाड़ी राज्य है और यहां रहने वाला हर व्यक्ति पहाड़ी है। हमें यह सोचना होगा कि हम अपने राज्य को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी उत्तराखंडवासी एकजुट होकर अपने राज्य की अस्मिता और एकता की रक्षा करें। पहाड़ और मैदान एक-दूसरे के पूरक हैं, लिहाजा पहाड़ व मैदान को बांटने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हम सभी को इस संकीर्ण भावना से उठकर उत्तराखंड के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

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