विकासनगर(आरएनएस)। एनपीएस, यूपीएस के विरोध और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व सभी शिक्षकों ने काली फीती बांधकर ही स्कूल में शिक्षण कार्य किया। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री पुष्कर राज बहुगुणा ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली नहीं हो जाती है तब तक सभी शिक्षक, कर्मचारी चैन से नहीं बैठने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना पड़ेगा, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को पूरा जीवन सेवा के बदले उनका हक मिल सके। सरकार के द्वारा एनपीएस और यूपीएस का झुनझुना स्वीकार नहीं है। एक देश एक विधान ही लागू किया जाए। एनएमओपीएस के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष गडोही ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सरकार को तत्काल पुरानी पेंशन लागू कर देना चाहिए। पुरानी पेंशन कोई भीख नहीं है ये अधिकार है। इसके लिए जितना भी संघर्ष करना पड़ेगा, किया जाएगा। कहा कि अब एनपीएस की हकीकत सामने आने लगी है। 20 से 25 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर एक हजार से 15 सौ रुपये तक मासिक पेंशन मिल रही है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इन्हीं सब वजहों को लेकर शिक्षक, कर्मचारियों में आक्रोश है। कहा कि नई पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुकेश ममगाईं, अनीता, अशोक रावत, डॉ. नरेश कुमार, हरजिंदर सिंह, शिखा राठौर, सत्यजीत चौहान सोनिया, आरती आदि शामिल रहे।

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