देहरादून, 3 अप्रैल2025(मेरोउत्तराखंड) देशभर की आयुध निर्माणियों के गैर-राजपत्रित अधिकारियों के संगठन AIANGOs (All India Association of Non-Gazetted Officers of Ordnance & Equipment Factories and Quality Assurance Organizations) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन 1 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें देश की 41 आयुध निर्माणियों के कर्मचारी भाग ले रहे हैं। संगठन के अनुसार, यह आंदोलन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज़ मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य और मांगे
AIANGOs संगठन ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को उठाया है:
- NPS (National Pension Scheme) और UPS (Unified Pay Scale) का विरोध – संगठन का कहना है कि यह नीतियां कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं और इनसे उनकी आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
- सेवा निवृत्ति एवं डिपुटेशन के नियमों में बदलाव – संगठन की मांग है कि कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति को लेकर स्पष्ट और संतोषजनक दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
- जॉब नोटिफिकेशन प्रक्रिया में सुधार – संगठन का मानना है कि जॉब नोटिफिकेशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को भविष्य की संभावनाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
- संगठन की अन्य लंबित मांगों का समाधान – संगठन ने सरकार से यह मांग की है कि कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों पर तत्काल विचार किया जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सभा में प्रमुख वक्ताओं ने रखे अपने विचार
आज देहरादून स्थित ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री (OLF) रायपुर में इस विरोध प्रदर्शन के तहत एक सभा आयोजित की गई, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभा की अध्यक्षता AIANGOs के उत्तर ज़ोन अध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती ने की। उनके साथ राष्ट्रीय परिषद सदस्य उमा शंकर शर्मा, सुरेश गौतम, कुलदीप कुमार, एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभा में वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि वह कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि आयुध निर्माणियों में कार्यरत कर्मचारी देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है।

देशभर की आयुध निर्माणियों से समर्थन
इस आंदोलन को देशभर की अन्य आयुध निर्माणियों से भी समर्थन मिल रहा है। देहरादून, मुरादनगर, हजरतपुर, चंडीगढ़ और शाहजहांपुर की यूनिटों ने टेलीफोनिक माध्यम से अपनी एकजुटता व्यक्त की। वहां के कर्मचारियों ने भी शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं।
सभा को संबोधित करते हुए गिरीश चंद्र उप्रेती ने कहा,
“हम कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को हमारी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। यदि हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो हम आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और तेज़ करेंगे।”
राष्ट्रीय परिषद के सदस्य उमा शंकर शर्मा ने कहा कि संगठन किसी भी कीमत पर कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रव्यापी हड़ताल की योजना भी बनाई जा सकती है।
अगले कदम और अपील
सभा के अंत में संगठन ने यह निर्णय लिया कि यदि 11 अप्रैल तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी एकजुटता बनाए रखें और संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें।
सभा का समापन अध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती और उमा शंकर शर्मा द्वारा इस घोषणा के साथ हुआ कि संगठन अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और यदि आवश्यक हुआ तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

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