
नई दिल्ली ,04 अपै्रल(आरएनएस)। संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद एक तरफ जहां राजनीति में माहौल गर्माया हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ इस विधेयक के विरोध में मुसलमान सडक़ों पर उतर आए है।
भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इसे गरीब मुसलमानों के हित में बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे संविधान पर हमला करार दिया है और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। बिल पास होने के बाद देश के कोलकाता, अहमदाबाद सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कोलकाता के पार्क सर्कस में ज्वाइंट फोरम फॉर वक्फ प्रोटेक्शन के तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सडक़ों पर काफी संख्या में मुस्लिम वर्ग के लोग आ गए हैं। प्रदर्शनकारियों के साथ में ङ्खद्ग क्रद्गद्भद्गष्ह्ल क्चद्बद्यद्य का बैनर भी नजर आ रहा है। इसके अलावा अहमदाबाद में भी बिल के विरोध में व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि वह जान दे देंगे लेकिन संशोधन को नहीं मानेंगे।
वहीं पटना के मुसलमानों ने वक्फ बिल पास होने के बाद कहा कि वे बिल को वापस करने के लिए तमाम मुसलमानों से अपील की कि वे उस बिल के खिलाफ जान देने को तैयार रहे। दूसरे मुसलमानों ने कहा कि वे प्रदर्शन भी करेंगे और सेक्युलर दल मांझी, चिराग और नीतीश कुमार को सबक सिखाएंगे। वहीं, तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और विधेयक को खारिज कर दिया, जिसमें 41 प्रस्तावित संशोधनों को मुसलमानों के लिए हानिकारक और वक्फ संपत्तियों को हड़पने के उद्देश्य से बताया गया। तेलंगाना वक्फ बोर्ड ने सर्वसम्मति से केंद्र के वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को खारिज कर दिया, जिससे वह देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया जिसने वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों का औपचारिक रूप से विरोध किया।

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