
उत्तरकाशी(आरएनएस)। यमुनोत्री पैदल यात्रा मार्ग में यात्रियों को ले जाने के लिए जिला पंचायत ने मजदूरों की मजदूरी में 1000 रुपये का इजाफा कर 2500 के स्थान पर 3500 रुपये कर दी है। तो वहीं प्रति चक्कर जिला पंचायत द्वारा मजदूरों से ली जाने वाले व्यवस्था शुल्क को 100 रुपये कम कर दिया गया है। प्रदेश में आगामी 30 अप्रैल को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा आरम्भ होने जा रही है, जिसके लिए सभी सम्बंधित विभाग यात्रा तैयारियों में जूट हुए हैं। यात्रा से जुड़े व्यवसायी भी अपनी अपनी तैयारी में लगे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर जिला पंचायत द्वारा भी तैयारियां की जा रही हैं। जिला पंचायत प्रशासक दीपक बिजलवाण ने सामाजिक कार्यकर्त्ता महावीर पंवार व क्षेत्र वासियों की मांग के अनुरूप यमुनोत्री धाम में डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चर के लिए प्रतिदिन व प्रति चक्कर दी जाने वाली मजदूरी की धनराशि में बढ़ोतरी कर मजदूरों को बड़ी राहत दी है। अभी तक जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक मजदूरों को ढाई हजार रुपये मजदूरी दी जाती थी, जिसमें एक हजार रुपये की बढ़ोतरी कर अब साढ़े तीन हजार रुपये की गईं है। वही दूसरी ओर प्रति चक्कर जिला पंचायत मजदूरों से ढाई सौ रुपये की रसीद काटता था। जिसे अब सौ रुपये घटाकर डेढ़ सौ रूपये कर दिया गया है।
सामाजिक कार्यकर्त्ता महावीर पंवार का कहना है कि चारधाम यात्रा के प्रथम धाम श्री यमुनोत्री धाम यात्रा व्यवस्थाओं में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले हजारों मजदूरों, घोड़ा,खच्चर, डंडी, कंडी चालकों को हमारे विशेष आग्रह पर दीपक बिजलवाण जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक उत्तरकाशी ने हजारों मजदूरों की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझ कर महसूस किया और मजदूर भाइयों पर व्यवस्था शुल्क को कम करने का निर्णय लिया है। कहा कि जिला पंचायत ने यह अच्छा फैसला लिया गया है। जबकि यमुनोत्री धाम यात्रा व्यवस्थाओं में रोटेशन व्यवस्था में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने यमुनोत्री धाम यात्रा व्यवस्थाओं पर लगे हजारों घोड़े खच्चर डंडी कंडी मजदूर भाइयों की तरफ से दीपक बिजलवाण जिला पंचायत अध्यक्ष /प्रशासक उत्तरकाशी का आभार व्यक्त किया।

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