हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत खास महत्व है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन के साथ भगवान शिव की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तो आइए जानते हैं कि वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 अप्रैल को सुबह 08 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 27 अप्रैल को सुबह 04 बजकर 49 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, 26 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी।
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्द उठें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें।

इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें।
अब शिव जी को पंचामृत, अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, फूल और गाय का कच्चा दूध अर्पित करें।
उसके बाद भोलेनाथ के नामों और मंत्रों का जाप करें।
फिर शिव जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और मासिक शिवरात्रि व्रत की कथा पढ़ें।
अंत में पूरी श्रद्धा के साथ महादेव जी की आरती करें।
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