रायपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ ने बुधवार को अपने रायपुर कैंपस में नए छात्रों के लिए एक भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र में शामिल होने वाले छात्रों का उत्साहपूर्वक स्वागत करना और उन्हें उनकी नई यात्रा के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सी.आर. प्रसन्ना (आईएएस), सचिव – राज्यपाल, छत्तीसगढ़, ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनुशासन और परिश्रम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट दृष्टिकोण होना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह न केवल व्यक्ति का, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य बदल सकता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जीवन की चुनौतियों को “ब्रेक” की तरह देखें और परिवार, शिक्षकों व संस्थागत नियमों का पालन करें, क्योंकि ये ‘ब्रेक’ ही उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) पीयूष कांत पांडे ने छात्रों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और चुनौतियों को सीखने का अवसर मानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि एमिटी विश्वविद्यालय छात्रों के विकास के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा।
कुलाधिपति डॉ. डब्ल्यू. सेल्वमूर्ति ने एमिटी के लक्ष्य को दोहराया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे “भविष्य के वैश्विक नागरिक” तैयार करना है, जो ज्ञान और कौशल के साथ-साथ नैतिक मूल्यों से भी परिपूर्ण हों। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रसिद्ध कथन, “सपना वह नहीं जो आप नींद में देखते हैं, सपना वह है जो आपको सोने नहीं देता” का उदाहरण देते हुए छात्रों को राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने वाले सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया।


प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) सुमिता दवे ने बताया कि विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है, जिससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
कार्यक्रम का समापन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर (डॉ.) प्रसन्ना कुमार शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम गुरुवार तक जारी रहेगा, जिसमें कई इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे। एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ अकादमिक उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और अनुसंधान व नवाचार के अवसरों के लिए जाना जाता है, जो छात्रों को सफल पेशेवर और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करता है।


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