पौड़ी । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी ने बाल अधिकारों और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। एक बैठक में यह तय किया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, स्कूलों में ‘बाल न्याय मित्र क्लब’ की स्थापना भी की जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने बैठक में कहा कि बच्चों के हितों की रक्षा करना और उन्हें न्याय तक आसानी से पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से वंचित न रहे, इसके लिए कानूनी सहायता निःशुल्क दी जाएगी।
‘बाल न्याय मित्र क्लब’ से बढ़ेगी कानूनी साक्षरता
सचिव ने बताया कि ‘बाल न्याय मित्र क्लब’ का गठन बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देगा। यह क्लब छात्रों को बाल न्याय अधिनियम, 2015, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012, और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में जागरूक करेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को अपने अधिकारों की जानकारी देना और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) आर.एस. नेगी, असिस्टेंट लीगल एट डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी और कई प्राविधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे। सभी ने इस पहल का समर्थन किया और इसे बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पौड़ी में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता
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