देहरादून: एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मानव मूल्य सर्वोपरि’ का संदेश दिया है, वहीं जिलाधिकारी सविन बंसल भी इसी राह पर चलते हुए एक और पीड़ित को न्याय दिलाने में सफल रहे हैं। सेलाकुई स्थित ‘हब फार्मास्यूटिकल्स एंड रिसर्च’ कंपनी में काम करते हुए आग से बुरी तरह झुलस गए कर्मचारी राहुल कुमार को न्याय मिल गया है।
दरअसल, मुजफ्फरनगर के रहने वाले राहुल कुमार ने 2 अगस्त को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में कंपनी में आग लगने के दौरान वह झुलस गए थे, लेकिन पूरी तरह ठीक होने से पहले ही कंपनी ने उन्हें बेइलाज बाहर निकाल दिया। कंपनी ने न तो उनका इलाज कराया और न ही वेतन दिया।

जनमानस के अधिकारों के हनन की इस शिकायत को जिलाधिकारी सविन बंसल ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल सहायक श्रम आयुक्त को श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी की सख्ती देखते ही कंपनी के तेवर ढीले पड़ गए।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने लिखित में यह जिम्मेदारी ली है कि जब तक राहुल कुमार का इलाज चलेगा, उसका पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। इसके अलावा, कंपनी उन्हें हर महीने पीएफ कटौती के साथ वेतन भी देगी और पूरी तरह ठीक होने पर उन्हें वापस नौकरी पर भी रखा जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल के इस निर्णायक कदम की मुक्त कंठ से प्रशंसा हो रही है। उन्होंने न सिर्फ एक व्यक्ति को न्याय दिलाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जिला प्रशासन आम जनता के अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। बीते आठ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां जिलाधिकारी ने कमजोर और असहाय लोगों के हक के लिए खुलकर लड़ाई लड़ी है, जिससे जनमानस में उनका विश्वास और बढ़ा है।

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