गोंडा ,09 अगस्त (आरएनएस) । उत्तर प्रदेश के गोंडा में जमीनी लड़ाई में दो पक्ष भिड़ गए थे। इस पर अदालत ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत दोनों पक्षों के 12 लोगों को सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया। यह सजा मारपीट और जमीन कब्जाने के मामले में सुनाई गई है।
मारपीट का यह मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के चिश्तीपुर गांव का है। इस मामले में जिला अदालत ने शुक्रवार को दोनों पक्षों के 12 लोगों को दोषी ठहराया। एक पक्ष में सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन, उनके भाई अफसार हुसैन, भतीजे व सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरफराज हुसैन उर्फ सोनू, मासूम अली और गुलाम हैदर को दो-दो साल जेल की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि, इन दोषियों को अगली कोर्ट में अपील करने के लिए जमानत मिल गई।
वहीं, अदालत ने दूसरे पक्ष में शाकिर अली, आरिफ, फिरोज खां, मोबिन, तस्लीम, कय्यूम और मारूफ को 7-7 साल की कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषियों के खिलाफ 54-54 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इन दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
गोंडा सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित पाठक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह मामला साल 2014 का है। कब्रिस्तान की जमीन और पट्टे की भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। मारपीट के मामले में अदालत ने दोनों पक्षों के 12 लोगों के खिलाफ सजा का ऐलान किया। एक पक्ष के दोषियों को जमानत मिल गई, जबकि दूसरे पक्ष के दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
गोंडा में मारपीट मामले में सपा जिलाध्यक्ष समेत 12 दोषियों को हुई जेल की सजा
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Recent Comments