सीएम धामी ने तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गांधी पार्क, देहरादून से हजारों की संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बच्चों और जनप्रतिनिधियों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। हाथों में तिरंगा थामे, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंजती इस यात्रा ने शहर में देशभक्ति का माहौल बना दिया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान (13-15 अगस्त) का शुभारंभ भी किया।

राष्ट्रभक्ति के गीतों की धुनों और रंग-बिरंगे तिरंगों से सजी यात्रा में मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष उत्साहवर्धन किया और सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस पर घर, प्रतिष्ठान, कार्यस्थल और संस्थानों पर तिरंगा पूर्ण सम्मान और गौरव के साथ फहराएं, और स्वतंत्रता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर सेनानियों को नमन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा, “तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद सैनिकों, वीरांगनाओं और भारत के महान सपूतों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। उत्तराखंड के हर गांव, नगर और जनपद में निकल रही भव्य तिरंगा यात्राएं इसका प्रमाण हैं।”

विभाजन विभीषिका का दर्द याद किया
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री धामी ने 1947 में देश के बंटवारे के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विभाजन को इतिहास का काला अध्याय और दुनिया का सबसे बड़ा मानव विस्थापन बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्रता का जश्न मना रहा था, उसी समय विभाजन का गहरा दर्द भी सहना पड़ा। लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों ने विस्थापन की पीड़ा सही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ घोषित किया, ताकि इस बलिदान को कभी भुलाया न जा सके।”

उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल विभाजन के पीड़ितों को याद करने का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उस ऐतिहासिक त्रासदी से अवगत कराने का संकल्प है। “हमारा कर्तव्य है कि हम आजादी दिलाने वालों और विभाजन की यातना झेलने वालों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें,” उन्होंने जोड़ा।

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