
नईदिल्ली ,19 अगस्त (आरएनएस)। केंद्र सरकार ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए को नियंत्रित करने जा रही है। इस संबंध में संसद में ऑनलाइन गेमिंग ऐप विधेयक पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को इस विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य सट्टेबाजी ऐप्स को विनियमित करना और जुए पर सख्त जांच करना है। विधेयक में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को कानून के अंतर्गत लाना और डिजिटल ऐप्स के जरिए जुआ खेलने पर दंड लगाने का प्रावधान है।
विधेयक को बुधवार को ही मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किया जाएगा, जिससे इस पर चर्चा आगामी शीतकालीन सत्र में हो सकेगी। मानसून सत्र 21 अगस्त को समाप्त हो रहा है। केंद्र यह विधेयक ऐसे समय पर ला रही है, जब वह इस दिवाली नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन गेमिंग पर वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की सोच रही है। आगे ऑनलाइन गेमिंग में केवाईसी भी अनिवार्य हो सकता है।
केंद्र सरकार ने विधेयक लाने से पहले ही ऑनलाइन गेमिंग के जरिए पैसा कमाने का दावा करने वाले ऐप को नियंत्रित करना शुरू कर दिया था। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म समेत डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए वित्तीय लेनदेन को विनियमित करने और उपयोगकर्ता का डाटा सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए थे। आयकर वसूली के वित्त अधिनियम, 2023 के तहत कर निर्धारण वर्ष 2024-25 से ऑनलाइन गेम में शुद्ध जीत पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लागू किया है।
पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी और आर्थिक अपराध बढ़ने पर जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की है। इसके तहत इन ऐप्स का प्रचार करने वाली मशहूर हस्तियों को भी जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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