उत्तराखंड में सुधार की तत्काल जरूरत: त्रिवेंद्र सिंह रावत

बीजेपी की छवि को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए

देहरादून।  हरिद्वार से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के हालात में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने मौजूदा सरकार को आगाह करते हुए कहा कि किसी भी सूरत में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी की छवि को खराब करने की कोशिश करने वालों को बार-बार चेतावनी देना हमारा कर्तव्य है।
पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेंद्र ने कहा कि वर्तमान में कुछ मामलों में पुलिस द्वारा आठ महीने और कुछ में दो महीने तक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज न करना गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताते हुए 47 विधायक और पांच सांसद दिए हैं। ऐसे में हमें हर हाल में जनता का विश्वास बनाए रखना होगा।
कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों पर त्रिवेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि हरक सिंह की बातों पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि वह अनिश्चित रूप से कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने कहा कि हरक इस समय अपने जीवन के संक्रमणकाल से गुजर रहे हैं और अनर्गल बयानबाजी करते हैं। हरक के बीजेपी को 30 करोड़ रुपये के चंदे के दावे पर त्रिवेंद्र ने स्पष्ट किया कि पार्टी को 27 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ था, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चेक के माध्यम से मिला। इस राशि का हिसाब-किताब पूरी तरह उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चंदा मिलता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है, बशर्ते यह पारदर्शिता के साथ हो।
राज्य में खनन क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के सवाल पर त्रिवेंद्र ने कहा कि खनन जरूरी है, क्योंकि इससे राजस्व प्राप्त होता है और नदियों के कटाव से खेतों को बचाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि खनन कानून के दायरे में और मर्यादित तरीके से होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तालाब से पानी लेना जरूरी है, लेकिन मशीन लगाकर उसे खाली नहीं करना चाहिए। इसी तरह खनन भी नियमों के तहत होना चाहिए।
हाल ही में गैरसैंण में आयोजित मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर त्रिवेंद्र ने कहा कि विपक्ष को विरोध का अधिकार है, लेकिन यह नियमों और मर्यादा के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सदन में अमर्यादित व्यवहार, जैसे अध्यक्ष के आसन के सामने बिस्तर लगाकर रात भर सोना, स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भविष्य में बीजेपी विपक्ष में हो और ऐसा व्यवहार करे, तो क्या कांग्रेस को यह पसंद आएगा? त्रिवेंद्र ने कहा कि जनता ने हमें जिम्मेदारी दी है और अगर हम इसे नहीं निभाते, तो जनता खुद हिसाब कर लेती है।

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