
रुड़की: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तराखंड के रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र में एक मस्जिद के इमाम द्वारा 7 वर्षीय लड़के के साथ कथित यौन कुकर्म के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना 20 अगस्त, 2025 को सामने आई, जब एक मीडिया रिपोर्ट में इस मामले का खुलासा हुआ। आयोग ने इस मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित बच्चा मस्जिद में पढ़ाई के लिए गया था, जहां आरोपी इमाम ने उसे जबरदस्ती अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ यौन कुकर्म किया। आरोपी ने बच्चे को धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। डरा-सहमा बच्चा घर पहुंचा और उसने अपने परिवार को इस दर्दनाक घटना की जानकारी दी। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनएचआरसी ने अपने बयान में कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित यह रिपोर्ट सत्य है, तो यह न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि बच्चे के मूलभूत मानवाधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्थानीय प्रशासन से पूरे प्रकरण की गहन जांच और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चे के बयान दर्ज किए गए हैं और मेडिकल जांच भी कराई जा रही है। आरोपी इमाम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। एनएचआरसी ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच में पीड़ित बच्चे और उसके परिवार को उचित संरक्षण और सहायता प्रदान की जाए।
आयोग ने हरिद्वार प्रशासन से अपेक्षा की है कि दो सप्ताह के भीतर मामले की पूरी जानकारी, जांच की प्रगति और की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराया जाए। इस घटना ने एक बार फिर बाल सुरक्षा और धार्मिक स्थलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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