ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण ध्वस्त, कई इमारतें सील
देहरादून। राजधानी में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का डंडा जोरदार तरीके से चला। शुक्रवार को मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और नगर निगम की संयुक्त टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाते हुए करीब 20 दुकानों के बाहर बने पक्के कब्जे तोड़ दिए। इस कार्रवाई से लंबे समय से जाम और असुविधा झेल रहे लोगों ने राहत की सांस ली।
सहारनपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में वर्षों से दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे बनाए गए स्थायी ढांचे और बढ़ते कब्जे प्रशासन की नजर में थे। शुक्रवार को सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया की देखरेख में संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त किया। विरोध जताने की कोशिश करने वाले कुछ व्यापारियों को पुलिस बल की मौजूदगी में शांत कराया गया और कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी की गई।
अभियान सिर्फ ट्रांसपोर्ट नगर तक सीमित नहीं रहा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी एमडीडीए ने अवैध निर्माणों पर शिकंजा कसा।
धोरण रोड पर युग रियल एलएलपी (देवेश वयरानी) की परियोजना को सील किया गया।
राजपुर रोड पर नितिन माकिन द्वारा बनाए जा रहे भवन पर रोक लगी।
जमनिवाला क्षेत्र में संजेश कुमार यादव के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई।
इन कार्रवाइयों की निगरानी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल और अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत की टीम ने की।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर की सुंदरता और सुव्यवस्था को बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में नगर निगम मेयर सौरभ थपलियाल ने भी दोहराया कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण न केवल यातायात बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर भी बोझ डालते हैं।
प्राधिकरण और नगर निगम ने तय किया है कि अब साप्ताहिक समीक्षा बैठक के बाद नियमित अभियान चलाए जाएंगे। नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए जाएंगे, जिस पर दर्ज हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी।
तेजी से फैलते देहरादून में अवैध कब्जे और नियम विरुद्ध निर्माण वर्षों से चुनौती बने हुए हैं। लेकिन शुक्रवार की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में और भी इलाकों में बुलडोजर की गरज और सीलिंग की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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