उत्तरकाशी – राज्य स्तरीय भूकम्प एवं भूकम्प जनित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शनिवार को जनपद में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल हुई। अभ्यास के दौरान सुबह 9:45 बजे भूकम्प के तेज झड़े महसूस होने की परिकल्पना की गई, जिसकी तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.2 दर्ज की गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी/ रिस्पांसिबल ऑफिसर प्रशान्त आर्य ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईआरएस प्रणाली को सक्रिय करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही संबंधित अधिकारी आपदा परिचालन केन्द्र में पहुंचकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों में जुट गए।
जनपद में सात स्थानों पर भूकम्प मॉक अभ्यास किया गया। जिला अस्पताल में इंसिडेंट कमांडर शालनी नेगी, जीआईसी बड़कोट में वृजेश तिवारी, डुंडा ब्लॉक कार्यालय कॉलोनी में देवानंद शर्मा, केवी विद्युत उपकेंद्र लदाड़ी में सुरेश सेमवाल, जांगला ब्रिज में नरेंद्र सिन नेगी, सिलक्यारा टनल में खजान सिंह, केदारताल क्षेत्र महावीर सिंह चौहान उपस्थित रहे।

संबंधित अधिकारियों की देखरेख में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। प्रत्येक स्थान पर मॉक परिकल्पना के अनुसार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया और बचाव टीमें मौके पर पहुंचकर त्वरित प्रतिक्रिया की कार्यप्रणाली का अभ्यास करती रही।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में भूकम्प जनित आपदाओं से निपटने को लेकर हम कितने तैयार इसकी तैयारियों को आज परखा गया। मॉक अभ्यास आज सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मॉक अभ्यास में विभिन्न स्थानों से 99 लोगों को सकुशल निकाला गया। सामान्य रूप से 63 घायल एवं गम्भीर रूप से 41 लोग और 5 लोगों की मृत्यु हुई।
इस दौरान एसपी कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह, एडीएम मुक्ता मिश्र, सीईओ अमित कोठियाल, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता, ईई मनोज गुसाईं, डीएसओ आशीष कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं, जय पंवार सहित पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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