जिज्ञासा विश्वविद्यालय एलुमनी मीट: संवाद ने मजबूत किए रिश्ते

देहरादून, जिज्ञासा विश्वविद्यालय (पूर्व में हिमगिरी ज़ी विश्वविद्यालय) ने  अपने परिसर में एलुमनी मीट का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों से जुड़े पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम पुनः जुड़ाव, आत्मचिंतन और सहयोग का एक यादगार मंच बन गया। एलुमनी मीट का आयोजन “रेट्रो रिवाइंड – सुनहरे दिनों को फिर से जीएं”थीम पर किया गया, जिसने परिसर जीवन की मधुर यादों को ताज़ा किया और पूर्व छात्रों के स्वर्णिम पलों का उत्सव मनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. शंकर राममूर्ति के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने पूर्व छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनकी व्यावसायिक उपलब्धियों की सराहना की। प्रो. राममूर्ति ने उद्योग और समाज में पूर्व छात्रों के योगदान पर गर्व व्यक्त किया और उनसे आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, मेंटरशिप तथा प्लेसमेंट के माध्यम से विद्यार्थियों का सहयोग कर विश्वविद्यालय से पुनः जुड़ें।

एलुमनी मीट का आयोजन  सुबेनॉय तालुकदर, निदेशक – प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट सेवा, के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर कई पूर्व छात्रों ने अपनी व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक यात्रा, सीखने के अनुभव और विश्वविद्यालय से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने इस आयोजन में शामिल होकर पुरानी यादों को ताजा करने और कृतज्ञता की भावना व्यक्त की, साथ ही बताया कि जिज्ञासा विश्वविद्यालय में प्राप्त अनुभवों ने उनके करियर और व्यक्तित्व को किस प्रकार आकार दिया।

विश्वविद्यालय के सभी डीनों ने भी पूर्व छात्रों को संबोधित किया, जिनमें प्रो. (डॉ.) सुरेश चंद्र नायक – डीन, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन; डॉ. अमित कुमार – डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग; डॉ. मीनाक्षी वर्मा – डीन, स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स; तथा डॉ. विवेक देवव्रत सिंह – डीन, स्कूल ऑफ बिज़नेस स्टडीज़ शामिल रहे। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और संस्थागत विकास को सशक्त बनाने में पूर्व छात्रों की सतत भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में इंटरैक्टिव चर्चाओं और एलुमनी नेटवर्किंग सत्रों का जीवंत समन्वय देखने को मिला, जिससे पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद और संबंधों को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम की उत्सवपूर्ण भावना को और सशक्त बनाते हुए पूर्व छात्रों के लिए विशेष रूप से रैम्प वॉक का आयोजन भी किया गया। पूर्व छात्रों की उपस्थिति और विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़ाव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का समापन डॉ. अलका गौर द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने एलुमनी की सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट तथा सहयोगात्मक पहलों में उनके निरंतर समर्थन की विश्वविद्यालय की अपेक्षा को दोहराया। यह एलुमनी मीट जिज्ञासा विश्वविद्यालय की अपने पूर्व छात्रों के साथ आजीवन संबंधों को सुदृढ़ करने और साझा विकास एवं उत्कृष्टता की दिशा में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।

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