हरिद्वार। पुलिस महानिरीक्षक (रेलवेज) मुख्तार मोहसिन ने आज पुलिस लाइन जीआरपी का निरीक्षण एवं भ्रमण कर अपराध व प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। इसके उपरांत हरिद्वार स्थित जीआरपी मुख्यालय के सभागार में सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न अपराध व प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में बताया गया कि उत्तराखण्ड के रेलवे स्टेशनों से यात्रियों के गुम हुए मोबाइल फोनों की खोज में जीआरपी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में गठित संयुक्त इकाइयों — जीआरपी, एसओजी और थानों की टीमों — ने सर्विलांस, C.E.I.R. पोर्टल और मैन्युअल प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों से कुल 200 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹36 लाख 50 हजार है। बरामद मोबाइल फोन गोष्ठी के दौरान उनके स्वामियों को लौटाए गए।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के उपरांत दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।


बैठक में पुलिस महानिरीक्षक ने अपराध नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए, जिनमें महिला यात्रियों की सुरक्षा, लंबित अभियोगों का त्वरित निस्तारण, रन ओवर घटनाओं की जांच, मानव तस्करी की रोकथाम, रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा चेकिंग, तथा उत्तराखण्ड पुलिस एप, गौरा शक्ति एप और हेल्पलाइन नंबरों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया।
श्री मोहसिन ने कहा कि “यात्रियों की सुरक्षा, संपत्ति की बरामदगी एवं रेलवे परिसरों में अपराध नियंत्रण जीआरपी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी इकाइयों को समन्वय के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा।”
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रेलवेज अरुणा भारती, पुलिस अधीक्षक क्राइम जितेंद्र मेहरा, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, स्टेशन अधीक्षक दिनेश कुमार सहित विभिन्न थानों व शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।


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