महापंचायत की आड़ में कांग्रेस, क्षेत्रीय दलों की राज्य विरोधी दलों से सांठगांठ दुर्भाग्यपूर्ण: भाजपा

परिवार, जनभावना अनुशार सीबीआई जांच, विरोध विपक्ष का चुनावी एजेंडा : भट्ट

देहरादून । भाजपा ने महापंचायत को लेकर कांग्रेस समेत क्षेत्रीय दलों पर राज्य विरोधी पार्टियों के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि जिस संवेदनशील मुद्दे पर पीड़ित परिवार और जन भावना अनुशार सीबीआई जांच हो रही है, उसे विपक्ष अपनी चुनावी राजनीति का एजेंडा बनाना चाहता है। आंदोलनकारियों के खून से सने हाथों से कांग्रेसी ‘हाथ’ मिलाने की साजिश को जनता देख रही है।

मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए उन्होंने कल होने वाली विपक्षी पंचायत को राज्य विरोधी नकारत्मक राजनीति का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा, दुखद बेटी के साथ हुए अन्याय को लेकर सरकार ने पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई की है। जिसका नतीजा रहा कि सभी दोषियों को अदालत से उम्रकैद की सजा हुई है। मुख्यमंत्री धामी और भाजपा सरकार के स्पष्ट निर्देश और मॉनिटरिंग का परिणाम रहा कि एक भी दिन दोषी सलाखों से बाहर नहीं आ पाए। इतना ही नहीं जब तथाकथित सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो वीडियो से भ्रम और संशय का माहौल खड़ा करने का प्रयास किया गया तो मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे प्राथमिकता पर लिया। इसी क्रम में पीड़ित परिवार से अन्य उच्च स्तरीय जांच को लेकर मशवरा किया गया। उनकी राय के आधार पर ही सीबीआई जांच की संस्तुति की गई, जिसका उद्देश्य है सभी आशंकाओं का निवारण। प्रदेश की जनता पूर्व में भी इस मुद्दे पर सरकार के पूरी तरह साथ थी, ऐसे में अब सभी को विश्वास है कि सीबीआई जांच से पूरी तरह दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सभी शंकाओं पर पूर्ण विराम लगाने की यही कोशिश विपक्ष को नागवार गुजर रही है। क्योंकि उनके नेता अच्छी तरह जानते हैं कि इस दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण को लेकर जो कुछ वे विगत वर्षों से कर रहे हैं वो पूरी तरह झूठ, भ्रम, अफवाह और साजिश पर आधारित है। अब क्योंकि उनके पास एक ही अंतिम हथियार था सीबीआई जांच, जिसकी घोषणा के बाद से विपक्ष पूरी तरह शस्त्रहीन हो गया है। लिहाजा वे तमाम किंतु परंतु लगाकर इस मुद्दे पर फैलाई अपनी आशंकाओं को चुनाव तक बनाए रखना चाहते हैं। पहले अपने अन्य समानांतर संगठनों से इस मुद्दे पर महापंचायत की घोषणा करवाई गई। लेकिन जनता से किसी तरह का सहयोग नहीं मिलता देख, अब जनता द्वारा बार बार नकारे जाने वाले लोग इंडी गठबंधन के नाम से सामने आ गए हैं।

उन्होंने महापंचायत के नाम पर राज्य निर्माण विरोधी और आंदोलनकारियों की शहादत के लिए जिम्मेदार, समाजवादी पार्टी की भागेदारी को शर्मनाक बताया। कहा, प्रदेश की जनता देख रही है कि सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए किस तरह हारी हुई कांग्रेस पार्टी, राज्य और देश से हाशिए पर आए दलों के साथ मिलकर शहीदों का अपमान कर रही है। बेशक कांग्रेस, यूकेडी, वामपंथी दल शहीदों के खून से रंगे समाजवादियों से अपने हाथ मिला सकते हैं। लेकिन प्रदेश की स्वाभिमानी जनता ऐसे मौकापरस्त लोगों को माफ नहीं करने वाली है। लिहाजा 2027 के जिस उद्देश्य के लिए ये सब भानुमति का कुनबा जोड़ा जा रहा है, उसका जनता द्वारा फूटना तय है।

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