“फ्लेवर ऑफ देवभूमि” का विमोचन: राज्यपाल ने कहा—उत्तराखण्ड की रसोई परंपराएं सेहत और संस्कृति दोनों की पहचान

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में “फ्लेवर ऑफ देवभूमि” पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक इंडियन फेडरेशन ऑफ कुलिनरी एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसके निर्माण में शेफ डॉ. नीरज अग्रवाल, शेफ योगेन्द्र सिंह नेगी, शेफ दीपा चावला तथा गोपाल सिंह का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक उत्तराखण्ड की प्राचीन रसोई परंपराओं को संरक्षित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उत्पादित मंडुआ, झंगोरा और जखिया जैसे पारंपरिक अनाज व मसाले स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं तथा उत्तराखण्ड के पारंपरिक व्यंजन स्वाद के साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं। राज्यपाल के अनुसार वर्तमान समय में इन पारंपरिक उत्पादों और व्यंजनों की मांग लगातार बढ़ रही है।

पुस्तक में उत्तराखण्ड के पारंपरिक खान-पान, संस्कृति और जीवन-शैली को सरल व रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही पारंपरिक व्यंजनों के स्वास्थ्य लाभों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। राज्यपाल ने जैविक उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता की ओर संकेत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने मातृ-शक्ति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ की महिलाओं ने इन परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। अंत में राज्यपाल ने पुस्तक के लेखकों और टीम को इस प्रयास के लिए बधाई दी।

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