
देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती को वर्षवार (Year-wise) कराने की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच का धरना आज 72वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय न होने से नर्सिंग अभ्यर्थियों में आक्रोश और निराशा बढ़ती जा रही है।
इसी क्रम में शुक्रवार शाम को नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री जी को अवगत कराया कि राज्य में लंबे समय से नर्सिंग भर्तियां नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं, जिससे हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग अभ्यर्थी बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर रोजगार मिल सके। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, इसके बावजूद भर्तियों में लगातार देरी हो रही है, जिसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवल पुंडीर, राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, सुजाता और शिरा बंधानी प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय में संबंधित विभागों से चर्चा कर उचित कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं नर्सिंग एकता मंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन जारी रहेगा।

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