दून अस्पताल की ऑक्सीजन थेरेपी यूनिट की प्राचार्या डॉ गीता जैन ने ली जानकारी, जल्द लागू होगी एसओपी

देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में मरीजों को राहत देने वाली हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (एचबीओटी) सुविधा को अब और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी है। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने बुधवार को इस विशेष यूनिट का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डॉ. जैन ने यूनिट में लगे अत्याधुनिक उपकरणों से लेकर मरीजों तक पहुंचने वाली उपचार प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस थेरेपी को और सुव्यवस्थित करने के लिए जल्द ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर लागू कर दी जाएगी। इस कदम का मकसद मरीजों को पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से इलाज मुहैया कराना है।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल इस यूनिट में रोजाना करीब तीन मरीजों को यह विशेष थेरेपी दी जा रही है। खासतौर पर जलने (बर्न) के शिकार मरीजों और सिर व गले की जटिल सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे मरीजों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। दरअसल, इस थेरेपी में मरीज को उच्च दबाव वाली ऑक्सीजन दी जाती है, जिससे शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन की पहुंच बढ़ जाती है। इससे जख्म जल्दी भरते हैं और संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है।

प्राचार्या ने मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देश दिए कि इलाज के दौरान सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि दून अस्पताल को प्रदेश का बेहतरीन स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बाहर न जाना पड़े।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments