डीएम सविन बंसल ने कसी चारधाम यात्रा तैयारियों की कमान

ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में 30 पंजीकरण काउंटर व 30 मोबाइल टीमें तैनात

देहरादून । उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन होने जा रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद डीएम ने ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण कक्ष, यात्री सुविधाओं तथा समूचे परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।

डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने पर्यटन विभाग को पंजीकरण व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए। बताया गया कि चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 पंजीकरण काउंटर तथा आईएसबीटी में 6 काउंटर स्थापित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 30 पंजीकरण काउंटर यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही 30 मोबाइल टीमें भी लगाई गई हैं, जिनमें 25 टीमें दिन में और 5 टीमें रात से तड़के तक होटल, सराय, धर्मशाला और आश्रमों में ठहरे यात्रियों का पंजीकरण करेंगी।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि धर्मशाला, आश्रम और सरायों में यात्रियों के लिए 7100 बेड चिन्हित किए गए हैं। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि ट्रांजिट कैंप में एक बड़ी डिजिटल स्क्रीन लगाई जाए, जिस पर होटल, धर्मशाला और आश्रमों के संपर्क नंबर, उपलब्ध बेड की संख्या और अन्य जरूरी सूचनाएं लगातार प्रदर्शित होती रहें। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए फ्लेक्स बोर्ड और सूचना पट्ट भी लगाए जाएं, ताकि यात्रियों को जानकारी के अभाव में भटकना न पड़े।

डीएम सविन बंसल ने ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में 24×7 इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कंट्रोल रूम में सभी संबंधित विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि किसी भी आपात अथवा सामान्य समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। इसके अतिरिक्त पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग कंट्रोल रूम भी संचालित किए जाएंगे। डीएम ने निर्देशित किया कि चारधाम ट्रांजिट कैंप में यात्री सहायता केंद्र भी अलग से स्थापित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को मौके पर ही मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।

यात्रियों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीएम ने जल संस्थान को निर्देश दिए कि जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी यात्रा पड़ावों और बैरियरों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां मोबाइल शौचालय, टेंट और अन्य जरूरी अस्थायी सुविधाएं भी स्थापित की जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुविधाओं का अभाव किसी भी स्थिति में नहीं दिखना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश और हरबर्टपुर में 24×7 मेडिकल टीमें तैनात रहें। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि यात्रा पड़ावों के लिए कुल 6 मेडिकल टीमें नियुक्त की गई हैं, जिनमें 3 टीमें ऋषिकेश और 3 टीमें हरबर्टपुर में चौबीसों घंटे सेवाएं देंगी। डीएम ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर चिकित्सा संसाधनों को और मजबूत किया जाए।

यात्रियों की सहूलियत और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए डीएम सविन बंसल ने यह भी निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं और स्वैच्छिक संगठनों का सहयोग भी लिया जा सकता है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों को राहत और सम्मानजनक सुविधा मिल सके।

यात्रा तैयारियों की समीक्षा के दौरान डीएम ने उत्तराखंड पेयजल निगम पर भी सख्त रुख अपनाया। पेयजल लाइन बिछाने के लिए निगम को 17 अप्रैल 2026 तक कार्य अनुमति दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं होने पर जिलाधिकारी ने यात्रा सीजन तक सभी अनुमतियां निरस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि 19 अप्रैल से पहले खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक कर रोड रिस्टोरेशन का कार्य पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। डीएम ने पीडब्ल्यूडी, एनएच और एनएचआई के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि यात्रा मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त कर इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

सफाई व्यवस्था को लेकर भी डीएम ने मौके पर ही बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश को यात्रा मार्गों, ट्रांजिट कैंप और अन्य प्रमुख स्थलों पर सफाई, फॉगिंग और पर्याप्त संख्या में कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी ने जिला योजना से 50 लाख रुपये की धनराशि मौके पर ही स्वीकृत कर दी। उन्होंने साफ कहा कि चारधाम यात्रा जैसे विशाल आयोजन में स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में डीएम सविन बंसल ने ट्रांजिट कैंप में सफाई कार्य कर रही अनुबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए। समीक्षा में सामने आया कि संबंधित कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं कर रही थी, जिसके कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा था। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक और निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा को लेकर जिला प्रशासन की इस सक्रियता से साफ है कि डीएम सविन बंसल यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और यात्री-हितैषी बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी कर रहे हैं। अब प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह धरातल पर दिखाई दें।

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