ऑपरेशन प्रहार: नेताओं का फर्जी PA बनकर ठगने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गूगल से चुनता था अपना शिकार


राजपुर थाना पुलिस ने सटीक रणनीति के तहत 42 साल के गौरव उर्फ कनिष्क को जाखन से दबोचा; 25 लाख की ठगी का मामला

देहरादून।  राजनीति के गलियारों में पद और टिकट की भूख को शिकार बनाने वाले एक अंतर्राज्जीय ठग गिरोह के सरगना को देहरादून पुलिस ने सटीक रणनीति के तहत ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी न केवल खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताता था, बल्कि उसने उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में बड़े नेताओं को पद और टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है।

जानकारी के अनुसार, वादिनी श्रीमती भावना पांडे ने राजपुर थाने में तहरीर दी थी कि कनिष्क सिंह नाम के व्यक्ति ने उन्हें एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ नेता का सचिव बताकर उत्तराखंड में सर्वे और पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने के एवज में 25 लाख रुपये की मांग की थी। 13 अप्रैल 2026 को आरोपी ने अपने एक साथी को वादिनी के जाखन स्थित आवास पर भेजकर पूरी राशि हथिया ली। लेकिन, पैसे लेने के बाद न तो उसने फोन उठाया और न ही पैसे लौटाए।

एसएसपी दून के निर्देशन में गठित टीमों ने जब सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गहन जांच शुरू की तो हैरान करने वाले खुलासे हुए। पकड़ा गया आरोपी कोई और नहीं बल्कि गौरव कुमार (42) पुत्र दुर्गादास, जो मूल रूप से अमृतसर, पंजाब का रहने वाला है।

पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने गूगल के सहारे बड़ी राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं और उनके करीबियों की पूरी जानकारी जुटाई। उसे पता चला कि ‘कनिष्क सिंह’ नाम का एक व्यक्ति वर्ष 2003 से 2015 तक एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव रहा है और अब भी उसका करीबी है। इसके बाद उसने ट्रू-कॉलर पर ‘कनिष्क सिंह’ के नाम से फर्जी आईडी बनाई और ‘neta.com’ साइट से नेताओं की डिटेल निकाली। अपने तीन साथियों – छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू (सभी पंजाब के निवासी) – के साथ मिलकर उसने यह बड़ा ठगी नेटवर्क चला रखा था।

अन्य राज्यों में भी हुई ठगी:

· जयपुर (राजस्थान)-2017: दो नेताओं को विधायक का टिकट दिलाने के नाम पर एक से 1 करोड़ 90 लाख और दूसरे से 12 लाख रुपये लिए।
· पटना (बिहार)-2025: एक नेता से पार्टी में पद दिलाने के एवज में 3 लाख रुपये की ठगी।

पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि गौरव उर्फ कनिष्क का उत्तराखंड में भी कांग्रेस से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं से संपर्क था। फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इन नेताओं ने भी तो इस ठग के झांसे में पैसे तो नहीं लगाए हैं।

गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद किया गया है।

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सूरज कंडारी (चौकी प्रभारी जाखन), कांस्टेबल मुकेश, ललित के अलावा एसओजी टीम से उपनिरीक्षक संदीप कुमार, कांस्टेबल ललित और देवेंद्र शामिल रहे। फिलहाल गौरव से लगातार पूछताछ जारी है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments