
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में देहरादून स्थित सिंचाई विभाग के सिविल विंग में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला ऋषिकेश क्षेत्र के पशुलोक बैराज में हुए टेंडर कार्यों से संबंधित भुगतान का है। शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसने विभाग के लिए टेंडर कार्य पूरा किया था, लेकिन भुगतान जारी करने के एवज में संबंधित जेई द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर देहरादून स्थित सतर्कता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता के निर्देशन में विशेष ट्रैप टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
गुरुवार 21 मई 2026 को सतर्कता टीम ने आरोपी फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन, निवासी कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि आरोपी सिंचाई विभाग के सिविल विंग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। उसकी गिरफ्तारी के बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है। सूत्रों के अनुसार सतर्कता विभाग अब इस मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रहा है।
वहीं, सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर की जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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