
देहरादून । सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) के स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को देहरादून स्थित सीटू कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह अभियान मजदूरों के बीच जाकर व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा और श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए संघर्ष के लिए संगठित किया जाएगा।
सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं और अधिकारों के सवालों को लेकर संगठन लगातार संघर्षरत है। उन्होंने बताया कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से मजदूरों की आवाज को मजबूती दी जाएगी तथा उनकी मांगों को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीटू के जिला अध्यक्ष एस.एस. नेगी सहित अन्य वक्ताओं ने श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, श्रम कानूनों को पूर्ववत बहाल करने तथा श्रमिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। वक्ताओं ने कहा कि देशभर में श्रमिकों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके खिलाफ संगठित संघर्ष की आवश्यकता है।
इस दौरान वक्ताओं ने निर्माणाधीन लखवाड़-व्यासी जलविद्युत परियोजना में कार्यरत एल एंड टी कंपनी पर श्रमिकों के शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परियोजना में कार्यरत मजदूरों की अनेक समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। संगठन ने कंपनी प्रबंधन से श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
कार्यक्रम में सीटू के उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, कृष्ण गुनियाल, रवींद्र नौडियाल, दयाकिशन पाठक, हिमांशु चौहान, सोनू कुमार, नरेंद्र सिंह, शिवा दुबे, रजनी गुलेरिया, मोनिका, प्रेमा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रमिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सीटू का संघर्ष आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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