हिमालयन सिनेमा कॉन्क्लेव 2026 ने हिमालयी फिल्म उद्योग के भविष्य को दी नई दिशा

देहरादून। हिमालयी सिनेमा और रचनात्मक उद्योगों के विकास को समर्पित हिमालयन सिनेमा कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन देहरादून स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र के 100 से अधिक फिल्मकारों, निवेशकों, उद्यमियों, कलाकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। पूरे दिन चले इस कॉन्क्लेव ने हिमालयी सिनेमा के भविष्य, उसकी संभावनाओं और उसे एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद को जन्म दिया।

इस कॉन्क्लेव का आयोजन हिमालयी क्षेत्र के उभरते ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म हिमफ्लिक्स (Himflix) द्वारा किया गया, जो हिमालयी कहानियों और सिनेमा को वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। आयोजन में हिमालयन रिसोर्स एन्हांसमेंट सोसाइटी (Himalayan Resource Enhancement Society – HRES) सह-भागीदार (Co-Partner) के रूप में शामिल रही, जबकि कार्यक्रम को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (UFDC) का सहयोग प्राप्त हुआ।

कॉन्क्लेव का उद्देश्य हिमालयी सिनेमा के लिए एक सशक्त और संगठित पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) का निर्माण करना था, जहाँ रचनात्मक प्रतिभाओं, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और व्यवसायिक समुदाय के बीच सार्थक संवाद स्थापित हो सके। कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्माण, वितरण, निवेश, ओटीटी प्लेटफॉर्म, ब्रांड साझेदारियों, कंटेंट विकास तथा हिमालयी क्षेत्र में रचनात्मक उद्योगों की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि हिमालयी क्षेत्र में कहानियों, संस्कृति और प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल ऐसे मंचों की है जो इन कहानियों को सही अवसर, संसाधन और बाज़ार से जोड़ सकें। वक्ताओं ने कहा कि यदि उद्योग, निवेशक और रचनात्मक समुदाय मिलकर कार्य करें तो हिमालयी सिनेमा आने वाले वर्षों में एक सशक्त आर्थिक और सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले सकता है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण बॉलीवुड अभिनेता प्रियांशु पैन्यूली का संबोधन रहा, जिन्होंने लंदन से वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने हिमालयी सिनेमा की अपार संभावनाओं पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्थानीय और क्षेत्रीय कहानियाँ आज वैश्विक स्तर पर दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने फिल्मकारों को अपनी जड़ों से जुड़ी कहानियों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि हिमालयी क्षेत्र से विश्वस्तरीय सिनेमा उभर सकता है।

कार्यक्रम में राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने, कौशल विकास, वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और रचनात्मक उद्योगों के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। नेटवर्किंग सत्रों के दौरान फिल्मकारों, निवेशकों और उद्यमियों के बीच कई सकारात्मक चर्चाएँ हुईं तथा संभावित सहयोग और साझेदारियों की संभावनाएँ सामने आईं।

कार्यक्रम का सफल संचालन जाने-माने एंकर नीरज बावरी द्वारा किया गया। वहीं आयोजन समिति में जया शर्मा, आशीष रावत, ममता पांगती और राहुल रावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की योजना, समन्वय और सफल क्रियान्वयन में समिति के सदस्यों के प्रयासों की प्रतिभागियों द्वारा विशेष सराहना की गई।

उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने हिमालयन सिनेमा कॉन्क्लेव 2026 को हिमालयी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच क्षेत्रीय फिल्म उद्योग को संगठित, व्यावसायिक और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के सफल समापन के साथ प्रतिभागियों ने आशा व्यक्त की कि यह पहल आने वाले वर्षों में हिमालयी सिनेमा आंदोलन को नई ऊर्जा, दिशा और अवसर प्रदान करेगी।

हिमालयन सिनेमा कॉन्क्लेव 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिमालयी फिल्म उद्योग के लिए एक साझा दृष्टि, सहयोग और विकास की नई शुरुआत के रूप में उभरा है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिमालयी क्षेत्र की कहानियाँ केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं हैं, बल्कि वे एक सशक्त रचनात्मक और आर्थिक उद्योग का आधार भी बन सकती हैं।

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