
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर करारा आरोप लगाते हुए कहा है कि राहुल ने न केवल एक बार बल्कि असंख्य बार सैनिकों और सैन्य परंपरा का अपमान किया है। चौहान ने कहा कि जो भी बड़ी पदस्थ व्यक्ति हो, उसे सैनिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रतीक सैन्य परंपरा का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विशेष रूप से उन मौकों का जिक्र किया जहाँ राहुल ने सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत मांगने, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) को “गुंडा” कहने और कई बार उनकी विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है, जिसे चौहान ने अक्षम्य बताया। चौहान ने कहा कि देश का हर सैनिक राहुल के इन कथनों से आहत हुआ है और किसी भी नागरिक को किसी गलत बात का विरोध करने का अधिकार है — इसे केवल प्रोटोकॉल के आधार पर ही सीमित रखना अतार्किक होगा।
कर्नल कोठियाल की सराहना करते हुए चौहान ने कहा कि केदारनाथ में बेहतर कार्य करने वाले कर्नल कोठियाल ने अपने शौर्य, विवेक और योग्यता के बूते ख्याति अर्जित की है और उनकी उपलब्धियों को कांग्रेस से जोड़ना सैन्य अपमान के समान है। चौहान ने यह भी कहा कि कर्नल कोठियाल ने केवल केदारनाथ में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर कार्य किए हैं।
राहुल गांधी के कोटद्वार दौरे पर तंज कसते हुए चौहान ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है और अगर कहीं तुष्टिकरण की बेल उग रही हो तो वहाँ कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा स्वाभाविक है। उनके शब्दों में, “पहले तुष्टिकरण के लिए एक विचार की उत्पत्ति होती है और फिर उसे संरक्षण देकर देश में संदेश देना कांग्रेस ही बेहतर कर सकती है।” चौहान ने कहा कि देश और राज्य की जनता कांग्रेस की मंशा को समझती है और उसे माफ नहीं करेगी।
चौहान ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए कानून बनाए हैं और उन कानूनों का धरातलीय क्रियान्वयन किया जा रहा है। साथ ही सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के अपमान से आहत लोग प्रतिक्रिया देंगे और कांग्रेस को इसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए।
अंत में मनवीर सिंह चौहान ने पुनः अपना दृष्टिकोण दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बयानों पर सख्त प्रतिक्रिया देना और कर्नल कोठियाल जैसी बहुमुखी सेवाओं का सम्मान करना आवश्यक है।

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